उमाकांत त्रिपाठी। मिजोरम विधानसभा चुनाव के परिणाम आज जारी हुए। लालदुहोमा के नेतृत्व वाली जोरम पीपुल्स मूवमेंट शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य में सरकार बनाने जा रही है। मिजोरम के 40 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों के लिए आज सुबह 8 बजे से काउंटिंग शुरू हो गई थी। चुनाव आयोग के मुताबिक जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) ने 27 सीटों पर जीत हासिल कर ली है. वहीं MNF ने 7 सीटों पर जीत हासिल की है। जबकि तीन सीटों पर आगे चल रही है, वहीं दो सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की है। मिजो नेशनल फ्रंट बड़ी हार के साथ राज्य की सत्ता से बेदखल हो गई है।
40 विधानसभा सीटों वाले राज्य में 21 में बहुमत
सूबे में विधानसभा की कुल 40 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 21 है। यहां वोटों की काउंटिंग 3 दिसंबर को होने वाली थी, लेकिन EC ने मिजोरम में रिजल्ट की तारीख बदल दी। चुनावों की तारीख बदले जाने की मांग को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग को पत्र भी लिखा था। पत्र में कहा गया था कि मिजो लोग रविवार के दिन पूरी तरह से पूजा में समर्पित रहते हैं। मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए डाले गए मतों की सोमवार को जारी गणना के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री एवं मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के उम्मीदवार आर. लालथंगलियाना साउथ तुईपुई सीट से जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के उम्मीदवार जेजे लालपेखलुआ से हार गए हैं। उधर जेडपीएम के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार लालदुहोमा ने कहा कि- मैं कल या परसों मैं राज्यपाल से मिलूंगा, शपथ ग्रहण इसी महीने होगा। मुख्यमंत्री प्रत्याशी लालडुहोमा अपने चुनाव क्षेत्र सेरचिप सीट से 2,982 वोटों से जीत हासिल की है।
4 साल पहले बनी पार्टी ने कैसे बनाई सरकार
चौंकाने वाली बात यह है कि मिजोरम में जिस जेडपीएम को इतना बड़ा जनादेश मिलता दिख रहा है, उसका गठन ही महज चार साल पहले हुआ है। पूर्व आईपीएस लालडुहोमा ने जोराम नेशनलिस्ट पार्टी नाम से एक दल बनाया, जिसके जरिए वे राज्य की राजनीति में सक्रिय हुए। वहीं दूसरी ओर, राज्य के पांच अन्य छोटे दलों के साथ लालडुहोमा की पार्टी ने गठबंधन कर लिया। जिसके बाद वह गठबंधन राजनीतिक पार्टी में तब्दील हो गया, जो 2017 में जेडपीएम (ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट) पार्टी के नाम से अस्तित्व में आया। मिज़ोरम में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी जेडपीएम के अध्यक्ष लालडुहोमा मिज़ोरम के एक पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं। एक स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, 1972 से 1977 तक लालडुहोमा ने मिजोरम के मुख्यमंत्री के प्रधान सहायक के तौर पर काम किया था।














