उमाकांत त्रिपाठी। गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को दिल्ली स्थित नेशनल पुलिस मेमोरियल पहुंचे। यहां शाह ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। अमित शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर में आतंकवाद वामपंथी उग्रवाद और विद्रोह की घटनाओं में 65 प्रतिशत की गिरावट आई है। नरेंद्र मोदी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्त कानून बनाए हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हु उन्होंने कहा कि- पुलिस के जवानों की ड्यूटी सबसे कठिन है। किसी भी देश की सीमा और आंतरिक सुरक्षा पुलिस के बिना संभव नहीं है।
गृहमंत्री ने की पुलिसकर्मियों की सराहना
पुलिसकर्मियों की सराहना करते हुए गृह मंत्री ने कहा- आतंकियों से लड़ना हो, अपराध रोकना हो, भीड़ के सामने कानून व्यवस्था कायम रखना हो या आपदा के समय ढाल बनकर लोगों को बचाना हो, पुलिस ने हर स्थिति में खुद को साबित किया है। । उन्होंने कहा कि देश के वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित तीन राज्यों पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर शांतिपूर्ण हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर देशभर के कोने-कोने और सीमा पर आजादी के बाद से अब तक जिन जवानों ने अपना बलिदान दिया है, कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उन सभी को श्रद्धांजलि देता हूं।
हर साल मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस
21 अक्टूबर यानी आज के दिन हर साल पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
20 अक्टूबर 1959 को लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स चीनी सैनिकों से मुठभेड़ में पुलिस के 10 जवान शहीद हो गए थे। शहीद हुए इन जवानों के सम्मान में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाने का फैसला किया गया। इस दिन केंद्र और राज्य सरकारें शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देती है।














