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पति को दहेज हत्या में फंसाकर बॉयफ्रेंड के साथ रह रही थी पत्नी, एमपी का चौंकाने वाला केस

उमाकांत त्रिपाठी।उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से चौंकाने वाली कहानी सामने आई है. दहेज हत्या के आरोप में दर्ज केस की ‘मृतक’ महिला जिंदा पाई गई. जांच में पता चला कि जिस महिला को उसके ससुरालवालों ने कथित रूप से दहेज के लिए मार डाला बताया गया था, वह असल में जिंदा है और मध्य प्रदेश के ग्वालियर में प्रेमी के साथ रह रही थी. अब पुलिस ने इस पूरे मामले को झूठा और मनगढ़ंत करार दिया है. शिकायत करने वालों के खिलाफ एक्शन तैयारी शुरू कर दी है.

मामला गाजीपुर के बरहापार भोजुराई गांव का है. यहां की रहने वाली राजवंती देवी ने 3 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी रुचि यादव की हत्या उसके ससुरालवालों ने दहेज के लिए कर दी है. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगा दिया गया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने रुचि के पति राजेंद्र यादव, सास कमली देवी और चार अन्य परिजनों के खिलाफ दहेज हत्या के तहत मामला दर्ज कर लिया.

शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की. मामला गंभीर था, इसलिए सर्किल ऑफिसर (CO) रामकृष्ण तिवारी ने खुद जांच की कमान संभाली. टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और मोबाइल ट्रैकिंग के जरिए रुचि की तलाश शुरू की.पुलिस की तकनीकी टीम ने लोकेशन ट्रैकिंग के दौरान पाया कि रुचि जिंदा है और मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रह रही है. इसके बाद 7 अक्टूबर को पुलिस टीम ग्वालियर पहुंची और रुचि को बरामद कर लिया. जब पुलिस ने पूछताछ की तो रुचि ने चौंकाने वाला खुलासा किया.रुचि ने पुलिस को बताया कि- उसकी शादी राजेंद्र यादव से परिवार की मर्जी से हुई थी, जबकि वह शादी से पहले से ही गजेन्द्र यादव नाम के युवक से प्यार करती थी. दोनों स्कूल के दिनों से एक-दूसरे को जानते थे. शादी के कुछ समय बाद उसने पति और ससुराल छोड़ दिया और गजेन्द्र के साथ ग्वालियर जाकर रहने लगी.

 

रुचि का बयान- मैं जिंदा हूं, अपनी मर्जी से आई हूं
रुचि ने पुलिस के सामने कहा कि- उसने अपने माता-पिता के दबाव में आकर ससुरालवालों पर झूठा आरोप लगाया था. उसने कहा कि मेरी शादी मेरी इच्छा के खिलाफ कराई गई थी. मैं गजेन्द्र से प्यार करती थी और उसके साथ रहना चाहती थी. इसलिए मैं खुद चली आई. किसी ने मेरी हत्या नहीं की. CO रामकृष्ण तिवारी ने कहा कि- जांच में साबित हो गया कि महिला जिंदा है. दहेज हत्या का केस पूरी तरह झूठा था. अब हम शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, जिन्होंने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई.

ससुराल वालों ने कहा- झूठे आरोपों ने बर्बाद कर दी जिंदगी
रुचि के पति राजेंद्र यादव ने कहा कि- हम निर्दोष थे, लेकिन हम पर झूठा केस लगाकर हमें बदनाम किया गया. मेरी पत्नी शादी के बाद अक्सर मायके में रहती थी और मुझसे झगड़ती थी. उसके माता-पिता जानते थे कि वह किसी और से प्यार करती है, फिर भी उन्होंने हमें फंसाया. अब जब सच सामने आ गया है, हम भी झूठा केस करने वालों पर कार्रवाई की मांग करेंगे.

राजेंद्र की मां कमली देवी ने भी कहा कि हमने कभी उसे कुछ नहीं कहा. वह खुद अपनी मर्जी से चली गई थी. हमें अब इंसाफ चाहिए और जो लोग झूठ बोलकर हमें फंसाया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. पुलिस ने रुचि को बरामद करने के बाद मेडिकल जांच कराई और कोर्ट में पेश किया. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अब इस मामले में फर्जी केस दर्ज कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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