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मोदी सरकार के 12 साल पूरे, जानें प्रधानमंत्री के वो 12 फैसले, जिनकी सबसे ज्यादा चर्चा हुई

उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने कार्यकाल के 12 साल पूरे कर लिए हैं. 26 मई 2014 को मोदी गुजरात के सीएम से देश के पीएम बने थे. नरेंद्र मोदी ने 2014 में अच्छे दिन के वादे के जरिए सत्ता पर काबिज हुए और 2020 में आत्मनिर्भर का नारा दिया. इस तरह से 2014 से शुरू हुआ मोदी सरकार का सफर अब 2026 के पड़ाव पर पहुंच चुका है.

12 साल के कार्यकाल में पीएम मोदी को देश में एक मजबूत और लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित किया. इस दौरान उनकी ऐसी छवि बनी है कि वो कड़े फैसले लेने में हिचकते नहीं हैं और नई लीक बनाने की भी कोशिश करते हैं. पीएम मोदी ने दौरान सरकार ने कई ऐसे कड़े और बड़े फैसले लिए, जिन्होंने न सिर्फ देश की दिशा बदली बल्कि विपक्ष से लेकर वैश्विक मंचों तक जबरदस्त बहस छेड़ दी.

मोदी सरकार के 12 सालों में भारतीय राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज और विदेश नीति के लिहाज से बेहद ऐतिहासिक और उथल-पुथल भरे रहे हैं. इस बाद भी उन्होंने कई अहम फैसले लिए. कश्मीर में अलगाववाद और विद्रोह को चारा मुहैया करना वाले अनुच्छेद 370 का खात्मा किया तो आतंकवाद पर भी नकेल कसने का काम सरकार ने किया. ऐसे में मोदी सरकार के 12 बड़े फैसले, जिनकी इन 12 सालों में सबसे ज्यादा चर्चा रही.

1. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 का खात्मा

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में लिया गया यह अब तक का सबसे बड़ा और साहसिक राजनीतिक फैसला माना जाता है. 5 अगस्त 2019 को सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में विभाजित कर नया इतिहास रचाय इस फैसले ने घाटी की सियासत और सुरक्षा व्यवस्था को हमेशा के लिए बदल दिया. इसके साथ श्याम प्रसाद मुखर्जी का एक देश और एक विधान का सपना साकार हुआ.

2. महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया

संसद के विशेष सत्र में मोदी सरकार ने दशकों से लटके महिला आरक्षण बिल को पास कराकर नया इतिहास रच दिया. इस कानून के तहत लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया, जो भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का सबसे बड़ा मील का पत्थर साबित हो रहा है. आधी आबादी की राजनीति में सिर्फ भागीदारी ही नहीं बल्कि हिस्सेदारी भी बढ़ेगी, राज्यों के विधानसभा और संसद में 33 फीसदी महिलाएं होंगी.

3. प्रधानमंत्री ने जब लिया नोटबंदी का फैसला

8 नवंबर 2016 की वो रात कोई नहीं भूल सकता, जब पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए अचानक नोटबंदी का फैसला लिया. देश में 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने का एलान कर दिया. भ्रष्टाचार और काले धन पर प्रहार के नाम पर लिए गए इस फैसले ने पूरे देश को कतारों में खड़ा कर दिया था. इस फैसले की आर्थिक मोर्चे पर विपक्ष ने काफी आलोचना भी हुई, लेकिन इसने देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन की नींव रख दी.

4. जीएसटी का फैसला ‘एक देश, एक टैक्स

‘ आजादी के बाद देश के टैक्स सिस्टम में इसे सबसे बड़ा सुधार माना गया. मोदी सरकार ने टैक्स सिस्टम में सुधार के लिए बड़ा कदम उठाया. 1 जुलाई 2017 की आधी रात को संसद के सेंट्रल हॉल से देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया गया. इस तरह दर्जनों अप्रत्यक्ष करों को खत्म कर ‘वन नेशन, वन टैक्स’ का सपना साकार किया गया. शुरुआती दिक्कतों के बाद आज जीएसटी कलेक्शन हर महीने रिकॉर्ड तोड़ रहा है, लेकिन इसे लेकर विपक्ष आज भी आलोचना करता है.

 

 

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