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PM Modi Eid Wishes: मुझे आशा है कि… PM मोदी ने मिलाद-उन-नबी के मौके पर दी मुबारकबाद, जानिए क्या लिखा

उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 26 अगस्त 2026 को मिलाद-उन-नबी यानी ईद के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। **PM Modi Eid Wishes** के जरिए प्रधानमंत्री ने देश के लोगों को एकजुटता, खुशी, दया और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि मिलाद-उन-नबी का यह अवसर लोगों के बीच भाईचारे और सद्भावना को मजबूत करेगा। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर ईद की शुभकामनाएं दीं। खास बात यह है कि इसी दिन उन्होंने ओणम के अवसर पर भी देशवासियों को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में केवल त्योहार की शुभकामनाएं नहीं दीं, बल्कि समाज में योगदान देने और जरूरतमंदों के प्रति दयालु रहने की भावना को आगे बढ़ाने की अपील भी की। उनके संदेश में एकता और सामाजिक सद्भाव का विशेष जोर दिखाई दिया।

## PM Modi Eid Wishes में एकजुटता और दया का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिलाद-उन-नबी के मौके पर एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, **“Eid Mubarak! Greetings on Milad-un-Nabi.”** इसके साथ उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अवसर समाज में एकजुटता और खुशी को बढ़ाने वाला साबित होगा।

पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि समाज में योगदान देने और दयालु रहने की भावना हमेशा लोगों का मार्गदर्शन करती रहे। उनके इस संदेश में त्योहार के सामाजिक और मानवीय पक्ष पर जोर दिया गया।

मिलाद-उन-नबी मुस्लिम समुदाय के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। इस दिन पैगंबर हजरत मुहम्मद के जन्मदिन की याद में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग अपनी धार्मिक परंपराओं और स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार इस अवसर को मनाते हैं।

**PM Modi Eid Wishes** का संदेश ऐसे समय में आया है जब देशभर में अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहारों का दौर चल रहा है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के जरिए त्योहारों को आपसी सद्भाव और सामाजिक जुड़ाव से जोड़ने पर जोर दिया।

## पीएम मोदी ने ओणम पर भी दी शुभकामनाएं

मिलाद-उन-नबी के साथ ही 26 अगस्त को ओणम का त्योहार भी मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओणम के अवसर पर भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि सभी को ओणम की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। उन्होंने ओणम को एक शानदार त्योहार बताते हुए कहा कि इसे भारत के साथ-साथ दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में उत्साह के साथ मनाया जाता है।

प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि ओणम खुशी, एकजुटता और समृद्धि की भावना को और मजबूत करेगा। उन्होंने लोगों के लिए इस त्योहार के शानदार होने की कामना की।

ओणम मुख्य रूप से केरल का प्रमुख त्योहार है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसे देश और विदेश के कई हिस्सों में रहने वाले मलयाली समुदाय द्वारा उत्साह के साथ मनाया जाता है। त्योहार के दौरान पारंपरिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और विशेष भोजन की परंपरा देखने को मिलती है।

इस तरह बुधवार को प्रधानमंत्री की ओर से जारी संदेशों में भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिली। एक तरफ उन्होंने मिलाद-उन-नबी पर दया, भाईचारे और समाज के प्रति योगदान का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर ओणम को खुशी और समृद्धि से जोड़ते हुए शुभकामनाएं दीं।

## क्यों मनाया जाता है मिलाद-उन-नबी?

मिलाद-उन-नबी इस्लाम धर्म के प्रमुख धार्मिक अवसरों में से एक है। इसे पैगंबर हजरत मुहम्मद के जन्मदिन की याद में मनाया जाता है। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोग धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं और पैगंबर के जीवन, शिक्षाओं और संदेशों को याद करते हैं।

पैगंबर हजरत मुहम्मद को इस्लाम का अंतिम पैगंबर माना जाता है। उनके जीवन और शिक्षाओं में दया, न्याय, भाईचारे, जरूरतमंदों की मदद और इंसानियत जैसे मूल्यों पर जोर दिया गया है।

इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के **PM Modi Eid Wishes** संदेश में भी दयालुता और समाज में योगदान देने की बात प्रमुखता से सामने आई। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि यह अवसर लोगों के बीच एकजुटता और खुशी को बढ़ाएगा।

मिलाद-उन-नबी के मौके पर कई जगहों पर जुलूस, धार्मिक सभाएं, नात और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। हालांकि, इसे मनाने का तरीका अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों में अलग हो सकता है।

## ओणम का क्या है महत्व?

ओणम केरल का प्रमुख फसल उत्सव और सांस्कृतिक पर्व है। यह त्योहार मलयाली संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। ओणम के दौरान घरों में सजावट की जाती है, पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं और कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

ओणम से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध मान्यता राजा महाबली से संबंधित है। मान्यता है कि राजा महाबली अपनी प्रजा से मिलने के लिए हर साल ओणम के दौरान धरती पर आते हैं। उनके स्वागत में लोग घरों के सामने फूलों की रंगोली यानी पूक्कलम बनाते हैं।

त्योहार के दौरान ओणम साद्या यानी पारंपरिक भोज भी विशेष आकर्षण होता है। इसमें केले के पत्ते पर कई तरह के पारंपरिक व्यंजन परोसे जाते हैं। इसके अलावा वल्लम कली यानी नाव दौड़, पारंपरिक नृत्य और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां भी ओणम की पहचान हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में ओणम को खुशी, एकता और समृद्धि की भावना को मजबूत करने वाला त्योहार बताया।

## एक ही दिन दो प्रमुख त्योहार, पीएम के संदेश में दिखी विविधता

इस बार मिलाद-उन-नबी और ओणम एक ही दिन पड़ने के कारण दोनों त्योहारों को लेकर देशभर में खास माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों अवसरों पर अलग-अलग संदेश जारी कर शुभकामनाएं दीं।

**PM Modi Eid Wishes** में जहां दया, एकजुटता और समाज में योगदान की बात कही गई, वहीं ओणम के संदेश में खुशी, एकता और समृद्धि पर जोर दिया गया। दोनों संदेशों में एक समान बात सामाजिक जुड़ाव और सकारात्मक भावना की रही।

भारत जैसे विविधताओं वाले देश में अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों के त्योहारों का एक साथ आना सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे मौकों पर नेताओं और सार्वजनिक प्रतिनिधियों की ओर से दी जाने वाली शुभकामनाएं विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव और संवाद को बढ़ावा देने का माध्यम बनती हैं।

## पीएम मोदी के संदेश का क्या है महत्व?

प्रधानमंत्री का त्योहारों के मौके पर देशवासियों को शुभकामना संदेश देना नियमित परंपरा का हिस्सा है। हालांकि, हर संदेश में तत्कालीन सामाजिक परिस्थितियों और त्योहार के महत्व के अनुसार अलग-अलग विषयों को प्रमुखता दी जाती है।

इस बार **PM Modi Eid Wishes** में “kindness” यानी दयालुता और “giving back to society” यानी समाज में योगदान देने की भावना पर जोर दिया गया। यह संदेश त्योहार को केवल धार्मिक अवसर के बजाय मानवीय मूल्यों से जोड़ता है।

वहीं, ओणम की शुभकामनाओं में प्रधानमंत्री ने खुशी, एकजुटता और समृद्धि की कामना की। दोनों संदेशों के जरिए प्रधानमंत्री ने देशवासियों को त्योहारों की शुभकामनाएं देने के साथ सामाजिक सद्भाव और सकारात्मकता का संदेश भी दिया।

26 अगस्त 2026 को जारी प्रधानमंत्री के ये संदेश सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहे। मिलाद-उन-नबी और ओणम के एक ही दिन होने से दोनों त्योहारों की शुभकामनाओं ने देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता को एक साथ सामने रखा।

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