उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फुटबॉल खेलने का अंदाज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैंटिनो ने पीएम मोदी की खेल भावना और फुटबॉल के प्रति उत्साह की खुलकर सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी की एक तस्वीर साझा की, जिसमें पीएम सिक्किम की राजधानी गंगटोक में बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते नजर आ रहे हैं।

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैंटिनो ने अपने पोस्ट में लिखा, “नरेंद्र मोदी को हमारे खूबसूरत खेल को खेलते देखना शानदार है। फुटबॉल सच में पूरी दुनिया को जोड़ता है।” इन्फैंटिनो के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की तस्वीरें तेजी से वायरल हो गईं। खेल प्रेमियों और बीजेपी समर्थकों ने इसे भारत के लिए गर्व का क्षण बताया।

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को सिक्किम दौरे पर पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने सुबह गंगटोक में बच्चों के साथ फुटबॉल खेलकर सभी को चौंका दिया। पीएम मोदी ने खुद भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस खास पल की तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने लिखा, “सिक्किम में गंगटोक की खूबसूरत सुबह में अपने युवा दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलने जैसा कुछ नहीं।”

इसके बाद पीएम मोदी ने एक और पोस्ट में कहा कि बच्चों के साथ यह फुटबॉल सत्र बेहद ऊर्जावान और यादगार रहा। पीएम मोदी का यह अंदाज लोगों को काफी पसंद आ रहा है। खासकर पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों ने इसे खेल और युवाओं के प्रति सकारात्मक संदेश बताया है।

भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में फुटबॉल की लोकप्रियता काफी ज्यादा है। सिक्किम, मिजोरम, मणिपुर और मेघालय जैसे राज्यों में फुटबॉल सिर्फ खेल नहीं बल्कि जुनून माना जाता है। कई इलाकों में इसकी लोकप्रियता क्रिकेट से भी अधिक देखी जाती है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का बच्चों के साथ फुटबॉल खेलना स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।

यह पहला मौका नहीं है जब फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैंटिनो ने पीएम मोदी की तारीफ की हो। दोनों नेताओं की मुलाकात कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हो चुकी है। दिसंबर 2018 में अर्जेंटीना में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान इन्फैंटिनो ने पीएम मोदी को उनके नाम वाली फुटबॉल जर्सी भी भेंट की थी।
उस समय पीएम मोदी ने कहा था कि अर्जेंटीना आकर फुटबॉल को याद न करना नामुमकिन है। उन्होंने यह भी कहा था कि अर्जेंटीना के फुटबॉल खिलाड़ी भारत में बेहद लोकप्रिय हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि खेल के जरिए इस तरह के संदेश भारत की वैश्विक छवि को मजबूत करते हैं और खेल कूटनीति को भी बढ़ावा देते हैं।














