उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना… केंद्र सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का नाम आपने कई बार सुना होगा। हाल ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे लॉन्च किया था। देश के लोगों को एक बड़ा तोहफा देते हुए पीएम मोदी ने ‘विश्वकर्मा योजना’ की शुरुआत की थी। इस योजना का ऐलान 2023-24 के केंद्रीय बजट में किया गया था हाल ही में इसे कैबिनेट की बैठक में मंजूरी भी दे दी गई है। विश्वकर्मा योजना के तहत सरकार 13 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम खर्च करेगी, जिसके जरिए पारंपरिक कौशल वाले लोगों को मदद मिलेगी।
किसे मिलेगा इस बड़े फायदे वाली योजना का लाभ?
पीएम विश्वकर्मा योजना के जरिए सुनार, लोहार, नाई और चर्मकार जैसे पारंपरिक कौशल रखने वाले लोगों को कई तरह से फायदे मिल रहे हैं। योजना के तहत इन लोगों को पहले चरण में एक लाख रुपये तक और दूसरे चरण में दो लाख रुपये तक का लोन दिया जा रहा है। ये लोन महज 5 फीसदी की रियायती ब्याज दर पर दिया जा रहा है। इसके अलावा विश्वकर्मा योजना में कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता, उनमें सुधार और घरेलू एवं वैश्विक स्तर पर लोगों की इन उत्पादों तक पहुंच के दायरे को बढ़ाने पर जोर भी दिया जा रहा है।
3 लाख का मिलेगा लोन, डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहन
मोदी सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना में 18 पारंपरिक कौशल वाले व्यवसायों को शामिल किया गया है, जिससे कि पूरे भारत में मौजूद ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कारीगरों और शिल्पकारों को मदद मिलेगी. इनमें कारपेंटर, नाव बनाने वाले, लोहार, ताला बनाने वाले, सुनार, मिट्टी के बर्तन और अन्य सामान बनाने वाले कुम्हार, मूर्तिकार, राज मिस्त्री, मछली का जाल बनाने वाले, खिलौने बनाने वाले समेत अन्य शामिल हैं। मोदी सरकार की इस योजना में कुल मिलाकर 3 लाख रुपये तक का लोन दिया जा रहा है। इस योजना के तहत ट्रेड में लोगों के कौशल को निखारने के लिए मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से इन्हें ट्रेनिंग भी दी जाएगी














