उमाकांत त्रिपाठी। मध्यप्रदेश के चुनाव में अब राम मंदिर के मुद्दे को लेकर सियासत तेज हो गई है। 17 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले बीजेपी के कई स्टार प्रचारक एमपी का दौरा कर चुके हैं। इसी क्रम में गृहमंत्री अमित शाह भी इंदौर पहुंचे। यहां उन्होंने बीजेपी के लिए जनसमर्थन मांगते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियां बताते हुए, कांग्रेस पर जमकर तंज भी कसा और जनता को भटकाने का आरोप लगाया। इससे पहले भी अमित शाह मध्यप्रदेश के कई दौरे कर चुके हैं, शाह की जनसभा और दौरे राज्य में जमकर लोकप्रिय भी हो रहे हैं।
शाह ने कांग्रेस को बताई रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख
राम मंदिर को लेकर बात करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि- भगवान राम 600 सालों से इंतजार कर रहे थे कि उनके जन्मस्थान पर उनका भव्य मंदिर कब बनेगा। लेकिन कांग्रेस ने पिछले 70 सालों से इस मुद्दे पर सिर्फ राजनीति की। कांग्रेस ने जानबूझकर मंदिर के निर्माण में देरी की। इन लोगों ने ना सिर्फ देशवासियों का ध्यान भटकाया बल्की इस मुद्दे को लगातार टालती भी रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हम पर तंज कसते हुए पूछती थी कि मंदिर कब बनेगा तो मैं कांग्रेसियों को बताना चाहता हूं कि, राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होगीय़ जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे।
ओबीसी मामले को लेकर शाह ने लगाए आरोप
अमित शाह ने साधारण परिवार से आने वाले पीएम मोदी की पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि- ओबीसी, दलितों और आदिवासियों सहित हाशिए पर रहने वाले समुदायों के कल्याण के लिए ये सरकार प्रतिबद्धता है। उन्होंने ओबीसी के उत्थान को लेकर कांग्रेस की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हुए कहा कि- कांग्रेस ने ओबीसी के लिए क्या किया है? कांग्रेस ने मंडल आयोग की रिपोर्ट को कई सालों तक दबाए रखा और इसका विरोध किया। मोदी सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया। उन्होंने ओडिशा के एक वंचित आदिवासी परिवार की सदस्य द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण भी दिया, जिन्हें मोदी सरकार के नेतृत्व में राष्ट्रपति के पद तक पहुंचाया। उन्होंने मोदी सरकार में 35 प्रतिशत से अधिक ओबीसी मंत्री होने का जिक्र भी किया।














