खबर टीम इंडिया की। भारत-आस्ट्रेलिया के बीच खेली गई पांच मैंचों की टी-20 सीरीज को भारत ने 4-1 से अपने नाम कर लिया है। आखिरी टी-20 मुकाबले में भारत ने 6 रनों से रोमांचक जीत दर्ज की। ये मैच आखिरी ओवर तक चला, इस ओवर में आस्ट्रेलियन टीम को जीत के लिए 9 रन की दरकार थी, लेकिन टीम महज 3 रन ही बना पाई। इस मैच के हीरो अर्शदीप सिंह रहे, जिन्होंने आखिरी ओवर में 9 रन बचाए और आस्ट्रेलिया के कप्तान मैथ्यू वेड का विकेट लिया। यह बतौर कप्तान सूर्यकुमार यादव की पहली टी20 सीरीज थी और उसी में उन्होंने जीत हासिल की। सीरीज जीतने के बाद जब सूर्यकुमार यादव को ट्रॉफी थमाई गई तो उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी द्वारा चालू की गई प्रथा को कायम रखा और सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले युवाओं को ट्रॉफी सौंप दी।
आखिरी ओवर में आखिरी गेंद तक चला रोमांच
सीरीज के आखिरी मुकाबले में रोमांच आखिरी गेंद तक चला। इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीता और कप्तान मैथ्यू वेड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 160 रन बनाए। भारत के लिए यशस्वी ने 15 गेंद में एक चौका और दो छक्के की मदद से 21 रन, जितेश शर्मा ने 16 गेंद में तीन चौके और एक छक्के की मदद से 24 रन, अक्षर पटेल ने 21 गेंद में दो चौके और एक छक्के की मदद से 31 रन की पारी खेली। वहीं, श्रेयस अय्यर ने 37 गेंद में पांच चौके और दो छक्के की मदद से 53 रन बनाए। 160 रनों का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियन टीम 20 ओवर में आठ विकेट पर 154 रन ही बना सकी। उसके लिए बेन मैकडरमॉट ने सबसे ज्यादा 54 रन बनाए, लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके। हालांकि ट्रेविस हेड ने 28 और कप्तान मैथ्यू वेड ने 22 रन की छोटी लेकिन उपयोगी पारियां खेलीं, लेकिन वो टीम को जीत नहीं दिला सके।
अपनी कप्तानी में सूर्या ने जिताई पहली सीरीज
अपनी कप्तानी में भारत को पहली सीरीज जिताने वाले सूर्यकुमार यादव ने युवा प्लेयरों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि- ये एक अच्छी सीरीज थी। जिस तरह से लड़कों ने अपनी स्किल दिखाई वह सराहनीय था। हम निडर होकर खेलना चाहते थे। मैंने अपने खिलाड़ियों से कहा था कि जो भी सही हो वो करो और बस अपने खेल का आनंद लो और उन्होंने वैसा ही किया। इससे बहुत खुश हूं। अगर वॉशिंगटन सुंदर इस मैच में खेलते होते तो यह एक ऐड-ऑन होता। चिन्नास्वामी में 200+ का पीछा करना आसान है। 160-175 यहां एक ट्रिकी स्कोर है। 10 ओवर के बाद मैंने लड़कों से कहा कि यह मैच अब टक्कर की होगी। मैंने अर्शदीप सिंह को देखा है मुश्किल परिस्थिति में गेंदबाजी करते हुए और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में काफी बार उन्होंने डेथ ओवर में गेंदबाजी की है। इसलिए मैंने उनका ही ओवर आखिरी के लिए बचाकर रखा था।














