उमाकांत त्रिपाठी। संसद की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर विपक्षी दलों का हंगामा जारी है। इस बीच भारतीय संसद के इतिहास में विपक्षी सासंदों पर अब तक का सबसे बड़ा एक्शन लिया गया है। पिछले दो दिनों में कुल 141 सांसदों को संसद से निलंबित कर दिया है। सोमवार को 33 लोकसभा और 45 राज्यसभा सांसद सस्पेंड करने के बाद मंगलवार यानी आज 49 लोकसभा सांसदों को सस्पेंड किया गया है। अब कुल 141 सांसदों को निलंबित करने का एक्शन लिया जा चुका है। इन सांसदों में कांग्रेस सांसद शशि थरूर, सपा सांसद डिंपल यादव, और शरद पवार की बेटी एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले भी शामिल हैं।
निलंबन पर भड़का विपक्ष, पहली बार हुआ इतना बड़ा एक्शन
आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब इतनी बड़ी संख्या में सांसदों का निलंबन हुआ हो। इससे पहले 15 मार्च 1989 को 63 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था। तब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे। कई सासंदों को लोकसभा में चेयर का अपमान करने को लेकर सस्पेंड किया गया है। लोकसभा से निष्कासित हुए एनसी चीफ फारुक अब्दुल्ला से पूछा गया कि लोकसभा की सुरक्षा का दायित्व लोकसभा सचिवालय का है । उधर सांसदों के निलंबन को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है। विपक्षी सांसदों के निलंबन पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि यह संसद के अंदर अराजकता के अलावा और कुछ नहीं है। दरअसल संसद में स्मोक अटैक को लेकर विपक्ष के सांसद लगातार गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा था- गुस्सा मत उतारिए
141 विपक्षी सांसदों के निलंबन पर आज संसद में लगातार हंगामा जारी रहा। निलंबित विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों के निलंबन के चलते संसद के दोनों सदनों की कार्रवाई लगातार ठप रही है। दोनों सदनों को कई बार स्थगित करना पड़ा। हालांकि ये 141 सांसद सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। यही नहीं, लोकसभा की प्रश्नसूची से 27 सवाल भी हटा दिए गए हैं। ये सवाल निलंबित सांसदों की तरफ से पूछे गए थे। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार 4 दिसंबर से शुरू हुआ। लोकसभा में PM मोदी के पहुंचते ही NDA के सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया था। सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष से कहा था- बाहर मिली पराजय का गुस्सा सदन में मत निकालिए।













