उमाकांत त्रिपाठी। लोकसभा चुनाव 2024 में चार महीने से भी कम समय देखते हुए पार्टी अब इस जुगत में जुट गई है कि किस तरह अखिलेश यादव के महत्वकांक्षी पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक गठजोड़ में सेंध लगाई जाए। इसके लिए बीजेपी ने भारत सरकार की एक योजना को चुना है।
पीएम मोदी ने बनाया खास प्लान
दिल्ली की सत्ता का रास्ता यूपी से होकर गुजरता है। बीजेपी ने पिछले दो लोकसभा चुनाव में इसी रास्ते से दिल्ली का सफर तय किया और अब तीसरी बार भी यूपी की सियासी जंग फतह करके सत्ता की हैट्रिक लगाने की कोशिश में है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फॉर्मूले से बीजेपी को रोकने का दावा कर रहे हैं। अखिलेश के पीडीए फॉर्मूल को बेअसर करने के लिए 2024 के चुनाव में बीजेपी ने पीएम मोदी की विश्वकर्मा योजना को सियासी हथियार बनाने का खास प्लान है।
वोटबैंक पर बीजेपी की नजर
बीजेपी की नजर उत्तर प्रदेश में ओबीसी वर्ग खासकर अतिपिछड़ी जातियों के वोटबैंक पर है। बीजेपी ओबीसी के वोटबैंक को मजबूती के साथ जोड़े रखने के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना को बड़ा हथियार बनाने जा रही है। बीजेपी अगले कुछ महीने में गांव, गली और मोहल्लों में अभियान चलाकर अधिक से अधिक पात्रों को इस योजना का लाभ दिलाएगी। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने गुरुवार को लखनऊ में बैठक कर सभी जिलों के पदाधिकारियों व संयोजकों को इसमें पूरी ऊर्जा से जुटने के निर्देश दिए।













