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खत्म हुआ इंतजार मंदिर में विराजे प्रभु श्रीराम, पीएम मोदी-भागवत-योगी बने यजमान

उमाकांत त्रिपाठी। आखिरकार वह घड़ी आ गई, जब अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का विधान पूरा हो गया। 500 सालों के इंतजार के बाद 22 जनवरी को रामलला अपने दिव्य मंदिर में विराज गए। इस भव्य समारोह में देश-विदेश से कई मेहमान पहुंचे। इनमें संघ प्रमुख मोहन भागवत, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, मुकेश-नीता अंबानी, गौतम अडाणी, अमिताभ बच्चन, रजनीकांत शामिल हैं। अयोध्या नगरी को हजारों क्विंटल फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया।

पीएम मोदी बने मुख्य यजमान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी समेत संत समाज और अति विशिष्ट लोगों की उपस्थिति में रामलला के श्रीविग्रह की प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। पूजन के दौरान सेना के हेलिकॉप्टर से अयोध्या में फूलों की बारिश की गई। इससे पहले पीएम मोदी मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे और उन्होंने प्राण-प्रतिष्ठा पूजा के लिए संकल्प लिया। फिर पूजा शुरू की। पीएम ने ही रामलला की आंख से पट्टी खोली और कमल का फूल लेकर पूजन किया। रामलला पीतांबर से सुशोभित हैं। उन्होंने हाथों में धनुष-बाण धारण किया है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए चौदह जोड़े यजमान बनाए गए थे। एक दिन बाद यानी 23 जनवरी से मंदिर को जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

प्राण प्रतिष्ठा के बाद PM ने तोड़ा उपवास
आपको बता दें कि मैसूर के फेमस मूर्तिकार अरुण योगीराज ने भगवान राम की ऐतिहासिक प्रतिमा बनाई है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद PM मोदी ने उपवास तोड़ा, उन्होंने स्वामी गोविंददेव के हाथ से जल पिया। आपको बता दें कि पीएम 11 दिन से उपवास कर रहे थे। प्राण प्रतिष्ठा के बाद पीएम मोदी ने रामलला को साष्टांग दंडवत किया। सोमवार सुबह समारोह की शुरुआत मंगल ध्वनि से हुई। सुबह 10 बजे से 18 राज्यों के 50 वाद्ययंत्र लगातार बजाए गए। समारोह में शामिल हुए बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम और शंकर महादेवन ने रामभक्ति गीत गाए।

 

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