Datia By Election 2026 को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद जिले में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। पार्टी ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया, जिसके बाद बड़ी संख्या में समर्थक सड़कों पर उतर आए। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने पूरे जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत बिना अनुमति किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, जुलूस और पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है।
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दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होना है। ऐसे में टिकट को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था का बड़ा मुद्दा बन गया है।
Datia By Election 2026: टिकट बदलने के बाद भड़के समर्थक
भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने की खबर फैलते ही डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। शुक्रवार शाम से ही कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और कई स्थानों पर चक्काजाम, नारेबाजी और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आईं।
दतिया में @drnarottammisra का टिकिट कटा तो @BJP4MP में बवाल मच गया। हाइवे जाम। जिलाध्यक्ष सहित जिले की पूरी बीजेपी ने दिया इस्तीफा। दिल्ली आलाकमान के इस फ़ैसले से मामला थोड़ा नहीं बहुत ज्यादा गड़बड़ हो गया है। pic.twitter.com/S8tZEYPyvd
— Prabhu Pateria (@PrabhuPateria) July 10, 2026
प्रशासन के अनुसार प्रदर्शन के दौरान पथराव भी हुआ, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए। इसके बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
प्रशासन ने पूरे जिले में लागू की धारा 163
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने शनिवार सुबह पूरे दतिया जिले में BNSS की धारा 163 लागू कर दी। इस आदेश के तहत—
नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने टिकट कटने के बाद ग़दर काट दिया…
दतिया से नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटने पर समर्थकों की नाराज़गी हाई वे जाम किया और शहर का बाज़ार भी बंद नरोत्तम मिश्रा ने भी चुप्पी साधी pic.twitter.com/3PEofggqIB— आदित्य तिवारी / Aditya Tiwari (@aditytiwarilive) July 10, 2026
बिना अनुमति सभा, जुलूस और धरना-प्रदर्शन पर रोक रहेगी।
पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा।
सार्वजनिक आयोजनों के लिए प्रशासन की अनुमति अनिवार्य होगी।
कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि यह फैसला केवल शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
एसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल
शनिवार तड़के करीब साढ़े चार बजे प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव में पुलिस अधिकारियों को भी चोटें आईं। जानकारी के अनुसार एसपी, एसडीओपी सहित करीब आठ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। वहीं कुछ प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने की सूचना मिली है।
हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कई इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया। कुछ स्थानों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। हालांकि प्रशासन का दावा है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
भाजपा कार्यालय के बाहर भारी सुरक्षा
प्रदर्शन के बाद दतिया स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन के अनुसार करीब 250 कार्यकर्ताओं को एहतियात के तौर पर भाजपा कार्यालय परिसर के अंदर ही रोका गया ताकि स्थिति और अधिक न बिगड़े।
पूरे इलाके में लगातार निगरानी रखी जा रही है और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों से की शांति बनाए रखने की अपील
टिकट कटने के बाद पहली बार डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है और सभी कार्यकर्ताओं को उसका सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कार्यकर्ता पेट्रोल और मिट्टी का तेल डालने जैसी बातें कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि किसी भी सड़क को जाम न करें और पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें।
500 से ज्यादा समर्थकों ने किया विरोध प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार टिकट बदलने के विरोध में 500 से अधिक भाजपा कार्यकर्ता देर रात तक हाईवे और प्रमुख चौराहों पर डटे रहे। डबरा के हरिपुर तिराहे पर चक्काजाम किया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान कई स्थानों पर भाजपा कार्यालय के बाहर नारेबाजी हुई। आसपास के जिलों से भी समर्थकों के पहुंचने की जानकारी सामने आई।
भाजपा पदाधिकारियों ने दिए इस्तीफे
टिकट बदलने के फैसले के विरोध में भाजपा संगठन के भीतर भी असंतोष देखने को मिला। भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण सहित कई पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
इसके अलावा नगर मंत्री और भाजपा कोषाध्यक्ष ने भी पद छोड़ने की घोषणा की। समर्थकों का दावा है कि कुछ पार्षदों ने भी सामूहिक इस्तीफे सौंप दिए हैं। हालांकि पार्टी की ओर से इन इस्तीफों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नामांकन की तैयारी कर रहे थे नरोत्तम मिश्रा
उपचुनाव की घोषणा के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा लगातार क्षेत्र में सक्रिय थे। उन्होंने नामांकन फॉर्म भी खरीद लिया था और चुनावी तैयारियां शुरू कर दी थीं। लेकिन अंतिम समय में भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित कर सभी को चौंका दिया।
दतिया उपचुनाव के लिए अब तक 13 लोगों ने नामांकन पत्र खरीदे हैं, जिनमें चार उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं।
चुनावी समीकरणों पर रहेगा असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Datia By Election 2026 केवल एक विधानसभा उपचुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह भाजपा के संगठनात्मक समीकरणों और स्थानीय नेतृत्व की परीक्षा भी बन गया है। यदि पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी जल्द दूर नहीं होती, तो इसका असर चुनावी माहौल पर पड़ सकता है।
फिलहाल प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखने में जुटा है, जबकि भाजपा नेतृत्व संगठन के भीतर समन्वय स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में नामांकन प्रक्रिया और चुनाव प्रचार के दौरान दतिया की राजनीतिक गतिविधियों पर पूरे प्रदेश की नजर बनी रहेगी।













