खबर टीम इंडिया की।नीरज चोपड़ा टोक्यो ओलंपिक में जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीता था. ओलंपिक खेलों में एथलेटिक्स में ये भारत का पहला गोल्ड मेडल था. इसके बाद से ही नीरज चोपड़ा देश के हीरो बन गए थे. दुनियाभर में देश का नाम रौशन करने वाले नीरज को जमकर प्यार दिया. हालांकि, कई एथलीट्स की शिकायत रहती है कि क्रिकेटर्स की तुलना में फैंस उनका कम सम्मान करते हैं. क्रिकेट और इस खेल के खिलाड़ियों को जरूरत से ज्यादा प्यार मिलता है. दूसरे खेल के प्रति कड़वाहट रखने के कारण फैंस उन्हें ट्रोल भी कर देते हैं. हालांकि, नीरज चोपड़ा ऐसा नहीं सोचते हैं और उन्होंने विराट कोहली और एमएस धोनी का नाम लेकर क्रिकेट और जैवलिन थ्रो के बीच अंतर को अच्छे से समझाया. उनके इस बयान से चारों तरफ उनकी वाहवाही हो रही है.
जानें क्रिकेट और जैवलिन पर नीरज क्या बोले?
नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक की तैयारियों को लेकर स्पोर्टस्टार को एक इंटरव्यू दिया है. इस दौरान उनसे पूछा गया कि वो कभी भी क्रिकेट और इससे जुड़े खिलाड़ियों को लेकर कोई नकारात्मक बात नहीं कहते हैं, जबकि उन्हें फैंस से ज्यादा प्यार मिलता है. इस पर नीरज ने जवाब दिया कि क्रिकेट और जैवलिन एक जैसा खेल नहीं है. क्रिकेट की तरह जैवलिन को गली में नहीं खेला जा सकता है.
नीरज चोपड़ा बोले
उन्होंने लोगों में दिलचस्पी बढ़ाने के लिए एथलेटिक्स में भी क्रिकेट की तरह घरेलू और नेशनल लेवल पर टूर्नामेंट कराए जाने की सलाह दी. नीरज ने आगे कहा कि विराट कोहली और एमएस धोनी को देश में बहुत प्यार मिलता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं उनकी सफलता खारिज कर दिया जाए. उस तरह का प्यार पाने के लिए एथलेटिक्स के खिलाड़ियों को अपनी नई लकीर खींचनी होगी.
सायना नेहवाल ने जताई थी नाराजगी
भारत की ओलंपिक मेडलिस्ट और स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल ने हाल ही में क्रिकेट के प्रति लोगों को प्यार को लेकर नाराजगी जताई थी. उनके बयान से सोशल मीडिया से पर तूफान आ गया था. कई फैंस ने उनके बयान के लिए ट्रोल करना शुरू कर दिया था. सायना ने कहा था कि बैडमिंटन, टेनिस और बास्केटबॉल खेलना क्रिकेट के मुकाबले ज्यादा मुश्किल है. इसके बावजूद क्रिकेट को ज्यादा प्यार मिलता है, ये देखकर उन्हें बुरा लगता है. उनकी इस बात पर आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाड़ी अंगकृष रघुवंशी ने भी ट्रोल कर दिया था. बाद में उन्होंने माफी मांगी थी.














