उमाकांत त्रिपाठी।केंद्र सरकार ने कैबिनेट में फैसला लेते हुए देश के गरीब छात्रों को 10 लाख रुपए तक का लोन देने का ऐलान किया है. वहीं दूसरी ओर एफसीआई में 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की इक्विटी पूंजी डालने की मंजूरी दी गई है. इन दोनों ही फैसलों से देश की आम जनता को काफी फायदा होने की उम्मीद है.
मोदी सरकार ने देश के उस मिडिल क्लास और युवा को बड़ी राहत दी है, जो पैसों की कमी की वजह से पढ़ाई को बीच में छोड़ देते थे या फिर आगे पढ़ ही नहीं पाते थे. मोदी कैबिनेट ने ऐसे युवाओं को और मीडिल क्लास को 10 लाख रुपए का लोन देने का ऐलान किया है. वास्तव में कैबिनेट ने लोन देने का ऐलान पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के तहत दिया है. 10 लाख तक के लोन के लिए किसी भी गारंटर की जरुरत नहीं होगी. यहां तक कि लोन के ब्याज पर भी सब्सिडी दी जाएगी. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर सरकार की ओर से किस तरह का ऐलान किया गया है.
केंद्र सरकार ने लिया बड़ा ऐलान
केंद्र सरकार ने कैबिनेट में फैसला लेते हुए युवाओं को बिना गारंटी वाला 10 लाख का लोन देने का ऐलान किया है. सरकार के फैसले के अनुसार 3 फीसदी की ब्याज छूट के साथ छात्रों को 10 लाख तक का लोन दिया जाएगा. वैसे सरकार की ओर से इस लोन की अपर लिमिट तय नहीं की है. जरुरत के हिसाब से इस लोन की राशि में इजाफा भी किया जा सकता है. ये लोन उन लोगों को दिया जाएगा जिनके परिवार की कुल आय 8 लाख रुपए या उससे कम होगी. सरकार की ओर से साफ कहा गया है कि अब अब पैसों की कमी की वजह से किसी भी परिवार के होनहार बच्चे को पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ेगी. वह आसानी से अपने सपनों को पूरा कर सकेंगे.
जानें-क्या है पीएम विद्यालक्ष्मी स्कीम?
वास्तव में सरकार की ओर पीएम विद्यालक्ष्मी स्कीम की शुरुआत की है. इस स्कीम के तहत गरीब परिवारों के उन होनहार छात्रों और छात्राओं की पैसों से मदद की जाएगी जो पैसों की किल्लत की वजह से हायर स्टडीज नहीं कर पा रहे हैं, या फिर बीच में छोड़ रहे हैं. ये स्कीम सिर्फ लड़कियों के लिए नहीं बल्कि लड़कों के लिए भी होगी. इस स्कीम से ऐसे बच्चों को आगे बढ़ने और पढ़ने की प्रेरणा मिलेगी जो पैसों की कमी की वजह से नहीं कर पा रहे थे.














