उमाकांत त्रिपाठी।राज्यसभा में संविधान पर चर्चा में मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी बात रखी। शाह ने कहा कि देश में लोकतंत्र की जड़ें पाताल तक गहरी हैं। इसने अनेक तानाशाहों के अहंकार-गुमान को चूर-चूर किया है। जो कहते थे भारत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हो पाएंगे हम आज दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। यह हम सबके लिए गौरव लेने का पल है। संकल्प लेने का पल है।शाह ने कहा कि-संविधान के दोनों सदन में चर्चा हुई है। वो हमारे किशोरों के लिए युवाओं के लिए है। आने वाले समय में सदन में बैठकर देश के भविष्य का फैसला करने वालों के लिए महत्वपूर्ण होगी। यह भी तय होगा, जब जब जनता ने जिस पार्टी को शासन दिया, उसने संविधान का सम्मान किया या नहीं।
जानिए-शाह के भाषण की अहम बातें-
1.आज मैं जब यहां आया हूं कि आज हम जिस मुकाम पर खड़े हैं, स्वामी विवेकानंद और अरविंद की भविष्यवाणी सत्य होती दिख रही है। हमारा संविधान संविधान सभा की रचना और दुनिया में अनूठे हैं। हमारे यहां दुनिया का सबसे ज्यादा विस्तृत और लिखित संविधान है। इस संविधान सभा में 299 सदस्य 22 जाति धर्म के सदस्य रहे हैं। सभी समाजों के प्रतिनिधित्व के साथ संविधान बनाया गया।
2.दुनिया में शायद ही ऐसा संविधान होगा, जिसका ड्राफ्ट जनता को कमेंट के लिए दिया गया। और कमेंट्स के आधार पर सुधार किया गया। हम सबको अपने संविधान पर गर्व है।
3.जब हम आजाद हुए तब कई लोगों ने भविष्यवाणी की थी कि देश बिखर जाएगा, देश में एकता नहीं हो सकती। देश आर्थिक निर्भर नहीं हो सकता। सरदार पटेल के कारण देश एक होकर खड़ा है।
4.75 साल हो गए हमारे पड़ोस और दुनिया भर में लोकतंत्र सफल नहीं हुआ। हमारे लोकतंत्र की जड़ें पाताल तक मजबूत हैं। जो कहते थे भारत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हो पाएंगे हम आज दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। यह हम सबके लिए गौरव लेने का पल है, संकल्प लेने का पल है।
5.आज मैं जब यहां आया हूं कि आज हम जिस मुकाम पर खड़े हैं, स्वामी विवेकानंद और अरविंद की भविष्यवाणी सत्य होती दिख रही है। हमारा संविधान संविधान सभा की रचना और दुनिया में अनूठे हैं। हमारे यहां दुनिया का सबसे ज्यादा विस्तृत और लिखित संविधान है।
6.इस संविधान सभा में 299 सदस्य 22 जाति धर्म के सदस्य रहे हैं। सभी समाज के प्रतिनिधित्व के साथ संविधान बनाया गया। दुनिया में शायद ही ऐसा संविधान होगा, जिसका ड्राफ्ट जनता को कमेंट के लिए दिया गया। और कमेंट्स के आधार पर सुधार किया गया। हम सबको अपने संविधान पर गर्व है।
7.नंदलाल बोध बहुत बड़े कलाकार थे, चार वर्ष का समय लेकर संविधान को सजाने का काम किया। घटनाओं को संविधन के अनुसार उकेरने का काम किया सभी संदेशों घटनाओं को चित्र के रूप में उकेरा। राम, बुध, गुरु गोविंद सिंह के गुरुकुल का चित्र है। भगवतगीता के संदेश का चित्र दिया। इसमें शिवाजी, रानी लक्ष्मीबाई और नालंदा के चित्र हैं। नटराज का चित्र हमारे समाज के बैलेंस को बताता है।
8.अब कांग्रेस चुनाव हारती है तो EVM को दोष देते हैं। महाराष्ट्र में सूपड़ा साफ हुआ, उसी दिन झारखंड में जीते। महाराष्ट्र में ईवीएम खराब है, झारखंड में नए कपड़े पहनकर शपथ ले ली। एक जगह ईवीएम खराब है, एक जगह सही हो गई ये कैसे हो सकता है।
दो दिन पहले पीएम मोदी ने लोकसभा में दिया था भाषण
दो दिन पहले शनिवार (14 दिसंबर) को पीएम मोदी ने संविधान पर चर्चा के दौरान कांग्रेस को संविधान का शिकार करने वाली पार्टी बताया। उन्होंने 1 घंटे 49 मिनट की स्पीच में कहा कि संविधान संशोधन करने का ऐसा खून कांग्रेस के मुंह लग गया कि वह समय-समय पर संविधान का शिकार करती रही। संविधान की आत्मा को लहूलुहान करती रही। करीब 6 दशक में 75 बार संविधान बदला गया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण -कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच जमकर तकरार
वहीं, 16 दिसंबर को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच जमकर तकरार हुई। वित्त मंत्री ने कहा- कांग्रेस पार्टी परिवार और वंशवाद की मदद करने के लिए बेशर्मी से संविधान में संशोधन करती रही। ये सत्ता में बैठे लोगों की रक्षा के लिए किया गया था।इस पर खड़गे ने कहा,कि- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से ग्रेजुएट हैं। मैंने म्यूनिसिपल स्कूल से पढ़ाई की है, लेकिन संविधान हमने भी थोड़ा-बहुत पढ़ा है। निर्मला जी की अंग्रेजी और हिन्दी अच्छी होगी, लेकिन उनके कर्म अच्छे नहीं हैं।’
जानें-खड़गे के भाषण की 3 बड़ी अहम बातें…
1. पीएम मोदी की स्पीच सुनी। कहते हैं हमारी बातें जुमले वाली हैं। अरे सबसे बड़े झूठे तो आप हो। आपका 15 लाख रुपए देने का वादा क्या हुआ।
2. शाह जी के पास बहुत बड़ी वॉशिंग मशीन है। उसमें आदमी जाता है क्लीन होकर आता है। हमारे कई नेता उधर गए, जीवन भर हमारे साथ रहे। अब हमें ही सुनाते हैं।
3. 70 सालों में जो हुआ, उसी की वजह से आप डॉक्टर, इंजीनियर बने। मोदी पीएम बने, मैं लेबर का बेटा नेता प्रतिपक्ष बना। आप खुद को तीस मारखां मत समझिए। ये नेहरू जी की देन है।
जानें-सीतारमण के भाषण की 3 अहम बातें…
1. कांग्रेस GST को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ कहती है। धनखड़ ने कहा, ‘क्या होगा अगर कोई गब्बर सिंह आकर कहे कि मुझे बदनाम किया गया है।’
2. कांग्रेस ने दशकों तक पुराने संसद भवन के मध्य में बाबासाहेब अंबेडकर की तस्वीर नहीं लगने दी, उन्हें भारत रत्न से वंचित रखा गया।
3. मजरूह सुल्तानपुरी और बलराज साहनी दोनों को 1949 में जेल भेजा गया था। क्योंकि इन लोगों ने नेहरू के खिलाफ कविता सुनाई थी।














