उमाकांत त्रिपाठी।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को नक्सलियों के सबसे बड़े कमांडर हिडमा के गढ़ में पहुंचे और बीजापुर जिले के गुंडम गांव में महुआ के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों के साथ चर्चा की. इस दौरान अमित शाह ने नक्सलवाद के एक छोटे से दायरे में सिमटने की बात कही. बता दें कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का गुंडम इलाका नक्सली कमांडर हिडमा के गांव पुवर्ती से सिर्फ 10 किलोमीटर दूर है.
गुंडम में फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस
बीजापुर जिले का गुंडम गांव बस्तर के सबसे खूंखार माओवादी नेता और पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी के कमांडर माडवी हिडमा का गढ़ है. गुंडम में कभी नक्सली अपने प्रशिक्षण शिविर के रूप में इस्तेमाल करते थे, हालांकि अब नक्सलियों से मुक्त हो गया है. इसी जगह पर नक्सली अपना ‘सहिदी दिवस’ मनाते थे. गुंडम में सुरक्षा बलों ने इस साल 14 फरवरी को एक सुरक्षा शिविर या फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) स्थापित किया था.
माडवी हिडमा पर है 1 करोड़ का इनाम
हिडमा सीपीआई (माओवादी) केंद्रीय समिति का सबसे युवा सदस्य है और कई घातक हमलों का मास्टरमाइंड है, जिसमें 2010 का दंतेवाड़ा नरसंहार शामिल है, जिसमें 75 सीआरपीएफ कर्मी मारे गए थे. इसके अलावा साल 2017 में सुकमा में हुए हमले में भी हिडमा शामिल था, जिसमें दो दर्जन से अधिक लोग मारे गए थे. उसके सिर पर 1 करोड़ रुपये का इनाम है, लेकिन वह पकड़ से बचने में कामयाब रहा है.
31 मार्च 2026 तक है नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य
गृहमंत्री शाह ने कहा,कि-पीएम मोदी की पहल पर हमने माओवादी आतंक को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है, इसका परिणाम है कि आज नक्सलवाद एक छोटे से दायरे में सिमट कर रह गया है. माओवादी आतंक के डर से ग्रामीणों को मुक्त कराने के लिए बस्तर के विभिन्न स्थानों में सुरक्षा कैंप लगाए गए है. बस्तर अंचल में अमन और शांति का वातावरण स्थापित हो रहा है.’
गांव वालों से विकास की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील
अमित शाह ने ग्रामीणों से ज्यादा से ज्यादा योजनाओं से जुड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की. उन्होंने बताया गुंडम के नजदीक स्थापित कैंप में अस्पताल की सुविधा है, जहां निशुल्क उपचार हेतु ग्रामीण निसंकोच होकर जाएं और झाड़-फूंक के भरोसे नहीं रहें. अमित शाह ने ग्रामीणों को निशुल्क 35 किलो चावल, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया. उन्होंने गांव में स्थित प्राथमिक शाला का अवलोकन कर बच्चों से पढ़ाई संबंधी जानकारी ली और नियमित स्कूल आने के लिए बच्चों को प्रेरित किया. वहीं उन्होंने महिलाओं को भी शिक्षा के लाभ से अवगत कराया. उन्होंने कहा,कि- बच्चों को स्कूल अवश्य भेजें. शिक्षा से ही समस्याओं का समाधान निकलेगा.
एक साल के अंदर मिलेंगी सभी मूलभूत सुविधाएं
गृहमंत्री शाह ने ग्रामीणों हेतु जन सुविधा शिविर लगाकर आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज बनाने के निर्देश कलेक्टर को दिए. कहा कि- समस्त योजनाओं का लाभ लेने के लिए बैंक पासबुक अनिवार्य है, इसलिए सभी का बैंक पासबुक जरूरी है. गृहमंत्री ने कहा कि एक साल के अंदर गांव में सड़क, बिजली, स्कूल,अस्पताल, पेयजल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद थे.















