उमाकांत त्रिपाठी।भारत (India) और रूस (Russia) की दोस्ती किसी से भी छिपी नहीं है। लंबे समय से दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध रहे हैं, जो समय के साथ और मज़बूत हुए हैं। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के कार्यकाल में भारत की स्वतंत्र विदेश नीति के तहत रूस से संबंधों को प्राथमिकता दी गई, जिससे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के साथ उनकी दोस्ती भी मज़बूत हुई। रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत का तटस्थ रहना और रूस की आलोचना न करने से भी भारत और रूस के संबंधों में और मज़बूती आई। आज पुतिन ने अपने अच्छे दोस्त पीएम मोदी को फोन लगाया और दोनों के बीच बातचीत हुई।
पहलगाम आतंकी हमले पर रूस की तरफ से भारत को पूरा समर्थन
भारतीय विदेश मंत्रालय (Ministry Of External Affairs Of India – MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके लिखा,कि- आज राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को फोन लगाया और भारत के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने निर्दोष लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जघन्य हमले के अपराधियों और उनके समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। दोनों नेताओं ने भारत और रूस की खास और विशेषाधिकार वाली रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने रूस के विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ के जश्न पर राष्ट्रपति पुतिन को शुभकामनाएं दीं और उन्हें साल के अंत में भारत में होने वाले वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया।
नेतन्याहू भी जता चुके हैं समर्थन
पुतिन ने पीएम मोदी को पहलगाम आतंकी हमले के आरोपी आतंकियों के खिलाफ एक्शन लेने के लिए भारत को समर्थन दिया है, लेकिन ऐसा करने वाले वह पहले ग्लोबल लीडर नहीं है। इससे पहले इज़रायल (Israel) के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) भी भारत को आतंकवाद के खिलाफ अपने बचाव और आतंकियों के खिलाफ एक्शन लेने के फैसले को पूर्ण समर्थन दे चुके हैं।














