उमाकांत त्रिपाठी।भारत आज अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 12वीं बार लालकिले पर ध्वजारोहण किया। उन्होंने लालकिले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए खेलकूद पर बात की। उन्होंने कहा,कि- देश के विकास के लिए खेल का भी महत्व होता है। मुझे खुशी है कि एक जमाना था, जब बच्चे खेल में मन लगाते थे तो मां-बाप इसे पसंद नहीं करते थे। आज यह एकदम से उलट गया है। आज बच्चे खेल कूद में आगे आते हैं, रुचि लेते हैं तो मां-बाप गर्व से भर उठते हैं। मैं इसे शुभ संकेत मानता हूं। मेरे देश के परिवार के अंदर खेल को प्रोत्साहन देने का वातावरण मैं देखता हूं तो मेरा मन गर्व से भर जाता है। मैं इसे देश के भविष्य के लिए शुभ संकेत मानता हूं।
खेल को बढ़ावा देना चाहते हैं-पीएम
पीएम मोदी ने कहा, कि- इस खेल को बढ़ावा देने के लिए हमने नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी और कई दशकों के बाद खेलो भारत नीति को लेकर आए हैं। इससे खेल जगत के सर्वांगिण विकास का प्रयास हो। स्कूल से लेकर ओलंपिक तक हम खेल का एक पूरा ईकोसिस्टम तैयार करना चाहते हैं, जहां कोचिंग की व्यवस्था हो, फिटनेस की बात हो, खेल के मैदान हो, खेल की व्यवस्थाएं हो, खेल के लिए आवश्यक साधन हों, लघु-उद्योग को भी खेल के संसाधन बनाने में मदद की बात हो। यानि एक पूरा ईकोसिस्टम हम दूर दराज के बच्चों तक पहुंचाना चाहते हैं।
मोटापे को लेकर बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा,कि- लेकिन साथियों जब मैं फिटनेस की बात करता हूं तो मैं एक चिंता भी आपके समक्ष रखना चाहता हूं। हमारे देश के परिवारों को भी यह चिंता करनी चाहिए। मोटापा हमारे देश के लिए बहुत बड़ा संकट बनता जा रहा है। जो जानकार लोग हैं, वो कहते हैं कि आने वाले वर्षों में हर तीन व्यक्ति में एक व्यक्ति मोटापे का शिकार होगा। हमें मोटापे से बचना है, ओबैसिटी से बचना है। उन्होंने एक छोटा सा सुझाव दिया था कि परिवार तय करे कि जब खाने का तेल घर में आएगा, 10 प्रतिशत कम ही आएगा, 10 प्रतिशत कम ही उपयोग करेंगे और मोटापे के खिलाफ लड़ाई को जीतने की दिशा में हम अपना योगदान देंगे।














