दुनियान्यूज़भारतराजनीतिहेडलाइंस

पीएम मोदी ने बुलाई हाईलेवल मीटिंग, यूएस टैरिफ विवाद के बीच बुलाई बड़ी बैठक, इतने मंत्री रहेंगे मौजूद

उमाकांत त्रिपाठी।अमेरिकी टैरिफ विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टॉप इकोनॉमिक बॉडी की मीटिंग की अध्यक्षता की. पीएम मोदी ने अमेरिका द्वारा लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ के बीच अर्थव्यवस्था की मौजूद स्थिति की समीक्षा के लिए आर्थिक सलाहकार परिषद (Economic Advisory Council) की मीटिंग किया.आज शाम 6.30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर होने वाली इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई मंत्री शामिल हुए.

 

पीएम मोदी ने मीटिंग के बाद सोशल मीडिया पोस्ट में कहा,कि- अगली पीढ़ी के सुधारों के रोडमैप पर चर्चा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की. हम सभी क्षेत्रों में त्वरित सुधारों के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जिससे जीवन सुगमता, व्यवसाय सुगमता और समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा.ईएसी की बैठक इसलिए अहम है क्योंकि- यह चीनी विदेश मंत्री वांग यी की आज से शुरू हो रही दो दिवसीय भारत यात्रा के साथ मेल खाती है. यह बैठक विदेश मंत्री एस जयशंकर की रूस यात्रा से कुछ दिन पहले हो रही है, क्योंकि भारत अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों में अनिश्चितता के बीच बीजिंग और मॉस्को के साथ संबंधों को बढ़ाना चाहता है.

भारत पर अमेरिकी टैरिफ…
यह आगामी बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत द्वारा अमेरिका को निर्यात की जाने वाली सभी वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने और रूस से तेल खरीद की वजह से 27 अगस्त से इस टैरिफ को दोगुना करके 50 प्रतिशत करने की योजना के बाद हो रही है. इन टैरिफ से गहने, कपड़े और जूते जैसे 40 अरब अमेरिकी डॉलर के भारतीय निर्यात प्रभावित होने की आशंका है.

इससे पहले, प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA ) के छठे दौर की बैठक वॉशिंगटन से एक ट्रेड टीम के नई दिल्ली दौरे को स्थगित करने की वजह से रोक दी गई थी. यह वार्ता 25 से 29 अगस्त तक होनी थी. एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, “इस दौरे को पुनर्निर्धारित किए जाने की संभावना है.”

अमेरिका, नई दिल्ली पर कृषि और डेयरी जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों को खोलने का भी दबाव बना रहा है. भारत ने ऐसी रियायतों से साफ इनकार करते हुए तर्क दिया है कि इससे छोटे किसानों और पशुपालकों की आजीविका को खतरा है.
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय निर्यात पर 25 फीसदी एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस स्पीच में स्वदेशी उत्पादों की ओर रुख करने की बात कही और किसानों-मछुआरों के साथ एकजुटता जाहिर की.

स्वतंत्रता दिवस की स्पीच में मोदी का इशारा…
पीएम मोदी ने कहा,कि- भारत के किसानों, मछुआरों और पशुपालकों से जुड़ी किसी भी हानिकारक नीति के खिलाफ दीवार की तरह खड़े हैं. हम अपने किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के संबंध में किसी भी तरह का समझौता कभी स्वीकार नहीं करेंगे.

Related Posts

मोदी सरकार ने बदल दिया राशन सिस्टम! अब परिवार के हिसाब से नहीं, इस तरह दिया जाएगा अनाज

उमाकांत त्रिपाठी।केंद्र सरकार ने देश की राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने…

1 of 844

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *