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मेरे प्यारे देशवासियों… पीएम मोदी का देश के नाम पत्र, बताया कैसे मिलेगी GST रिफॉर्म्स से देश को गति.?

उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्र के पहले दिन देश के नाम खुला पत्र लिखा। उन्होंने देशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये त्योहार सभी के जीवन में सुख और समृद्धि लेकर आए। 22 सितंबर से लागू जीएसटी दरों की कटौती को पीएम ने ‘GST बचत उत्सव’ बताया।पीएम ने लिखा, कि- 2 सितंबर से नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू होने के साथ ही पूरे देश में ‘GST बचत उत्सव’ की शुरुआत हो गई है। इन रिफॉर्म्स से किसान, महिला, युवा, गरीब, मध्यम वर्ग, व्यापारी, लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, सभी को फायदा होगा।

हेल्थ इंश्योरेंस पर अब GST शून्य

पीएम मोदी ने आगे लिखा, ‘नए GST रिफॉर्म्स की विशेषता है कि अब मुख्य रूप से सिर्फ दो ही स्लैब रहेंगे। रोजमर्रा की जरूरी चीजें जैसे खाना, दवाइयां, साबुन, टूथपेस्ट और कई अन्य सामान अब या तो टैक्स-फ्री होंगे या 5% की सबसे कम स्लैब में आएंगे। घर बनाने, गाड़ी खरीदने, बाहर खाने या परिवार के साथ छुट्टियां मनाने जैसे सपनों को पूरा करना अब आसान होगा। हेल्थ इंश्योरेंस पर भी अब GST को शून्य कर दिया गया है।’

जीएसटी यात्रा की शुरुआत का जिक्र करते हुए पीएम ने लिखा, ‘हमारी GST यात्रा 2017 में शुरू हुई थी। तब देश को अनेक तरह के टैक्स और टोल के जंजाल से मुक्ति मिली थी। इससे ग्राहकों और व्यापारियों, कारोबारियों को बहुत राहत मिली थी। अब ये नेक्स्ट जनरेशन GST रिफॉर्म हमें और आगे ले जा रहे हैं। इसमें सिस्टम को और सरल बनाया गया है। इससे हमारे दुकानदार साथियों, लघु उद्योगों की सहूलियत और बढ़ेगी।’

स्वदेशी अपनाने की अपील

उन्होंने आगे लिखा, कि- नागरिक देवो भव हमारा मंत्र है। पिछले 11 वर्षों में हमारे प्रयासों से 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। देश में एक नियो मिडिल क्लास तैयार हुआ है। अब इसे और सशक्त बनाया जा रहा है। हमने मध्यम वर्ग को भी मजबूत किया है। 12 लाख रुपए तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लिया जा रहा है। अगर इनकम टैक्स में छूट और नए जीएसटी रिफॉर्म को मिलाकर देखें, तो देशवासियों के सालाना लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपए बचेंगे।’

पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। उन्होंने लिखा, ‘देश ने 2047 तक विकसित भारत का संकल्प लिया है और इसे सिद्ध करने के लिए आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलना जरूरी है। नए GST रिफॉर्म्स से आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी तेज गति मिलेगी। आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक है कि हम स्वदेशी को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। चाहे ब्रांड कोई भी हो, कंपनी कोई भी हो, अगर उसमें भारतीय श्रमिक और कारीगर की मेहनत लगी है, तो वो स्वदेशी है।’

स्वदेशी अपनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने लिखा, ‘जब भी आप अपने देश के कारीगरों, श्रमिकों और इंडस्ट्री के बनाए सामान को खरीदते हैं, तो आप कई परिवारों की रोजी-रोटी में मदद करते हैं और देश के युवाओं के लिए रोजगार पैदा करते हैं। मैं अपने दुकानदारों और व्यापारियों से भी अपील करता हूं कि वो स्वदेशी सामान ही बेचें।’

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