उमाकांत त्रिपाठी। पश्चिम बंगाल में चुनावी जंग अपने चरम पर है… और इसी बीच प्रधानमंत्री के बयान ने सियासत को और गरमा दिया है।
PM Narendra Modi ने मथुरापुर और कृष्णानगर की रैलियों में TMC सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “बंगाल की निर्मम सरकार को सिर्फ अपने हितों की चिंता है… उसे जनता के सुख-दुख से कोई लेना-देना नहीं है।”
प्रधानमंत्री ने मथुरापुर के ‘भंग मेला’ का उदाहरण देते हुए कहा कि इस आयोजन को राज्य सरकार से वो समर्थन नहीं मिला, जो मिलना चाहिए था। उन्होंने इसे सरकार की उदासीनता का प्रतीक बताया।
महिला मुद्दों को लेकर भी पीएम मोदी ने TMC को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC और उसके सहयोगी दलों का “महिला विरोधी चेहरा” सामने आ चुका है। उन्होंने संसद में महिला आरक्षण बिल का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार 33% आरक्षण का प्रस्ताव लेकर आई थी, लेकिन TMC ने इसका विरोध किया।
मोदी ने कहा कि “बंगाल की माताओं और बहनों के अधिकार छीने गए हैं… और इसका जवाब अब वोट से मिलेगा।”
महिला सुरक्षा को लेकर उन्होंने गंभीर चिंता जताई और कहा कि राज्य में महिलाएं सबसे ज्यादा पीड़ित रही हैं। उन्होंने Sandeshkhali और आरजी कर जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है।
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि इस बार बंगाल में बदलाव की कमान महिलाओं ने अपने हाथ में ले ली है। उन्होंने कहा कि “परिवर्तन की लहर अब स्पष्ट दिखाई दे रही है।”
इसके साथ ही पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए 10 बड़ी गारंटी भी घोषित कीं। इनमें महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हर ब्लॉक में महिला थाने खोलने, पुलिस में महिलाओं की भर्ती बढ़ाने और अपराधियों को कड़ी सजा देने का वादा शामिल है।
आर्थिक सशक्तिकरण के तहत महिलाओं को हर साल ₹36,000 की सीधी मदद, बेटियों की पढ़ाई के लिए ₹50,000 और गर्भवती महिलाओं को ₹21,000 की सहायता देने की बात कही गई।
इसके अलावा, स्वरोजगार के लिए ₹20 लाख तक का मुद्रा लोन, आयुष्मान योजना के तहत ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज और पीएम आवास योजना में घर महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री करने का भी वादा किया गया।
प्रधानमंत्री ने TMC पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि 2000 इंडस्ट्री लगाने का वादा भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में उन्हें भुला दिया जाता है।
अपने भाषण के अंत में मोदी ने कहा कि “ये चुनाव न तो मोदी लड़ रहा है और न ही भाजपा… इस बार बंगाल की जनता खुद मैदान में है।”
अब नजरें 4 मई पर टिकी हैं… जब यह तय होगा कि बंगाल में सत्ता किसके हाथ में जाती है और जनता किसे अपना भरोसा सौंपती है।














