उमाकांत त्रिपाठी। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल चरम पर है… एक तरफ वोटिंग जारी है, तो दूसरी तरफ सियासी वार-पलटवार भी तेज हो गया है।
गुरुवार को राज्य की 152 सीटों पर मतदान हुआ, जबकि बाकी 142 सीटों पर चुनाव प्रचार जारी रहा। इस बीच Narendra Modi ने कृष्णानगर और मथुरापुर में जनसभाएं कीं और हावड़ा में भव्य रोड शो भी किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में दावा किया कि जनता ने बदलाव का मन बना लिया है। उन्होंने कहा, “4 मई को सिर्फ परिणाम नहीं, बल्कि परिवर्तन आएगा। TMC हारेगी और भाजपा का भरोसा जीतेगा।”
मोदी ने यह भी कहा कि इस बार का मतदान पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ रहा है और बंगाल में “परिवर्तन की आंधी” साफ दिखाई दे रही है।
अपने भाषण में उन्होंने Mamata Banerjee और उनकी पार्टी TMC पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगाल मां दुर्गा की पूजा करने वाली धरती है, लेकिन TMC ने महिला आरक्षण के खिलाफ वोट किया।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य में गुंडों और अपराधियों को खुला संरक्षण मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि “बंगाल की बेटियां इन अत्याचारों को कभी नहीं भूलेंगी।”
अपने संबोधन में मोदी ने कई बड़े चुनावी वादे भी किए। उन्होंने कहा कि अगर बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो शरणार्थियों को CAA के तहत सभी जरूरी दस्तावेज दिए जाएंगे। साथ ही मछुआरों की आय बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएंगी।
घुसपैठ के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने TMC को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC घुसपैठियों का समर्थन करती है और देश की सुरक्षा को खतरे में डालती है। उन्होंने कहा कि TMC के लोग फर्जी दस्तावेज बनाकर घुसपैठ को बढ़ावा देते हैं और उन्हें बसाने का काम करते हैं।
मोदी ने TMC सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 15 साल में किए गए कई वादे अधूरे रह गए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हर ब्लॉक में मॉडल रेसिडेंशियल स्कूल बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन इसके बजाय कई स्कूल बंद हो गए।
इसके अलावा उन्होंने “हर घर नल से जल” योजना को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोगों को साफ पानी तो नहीं मिला, लेकिन जलभराव की समस्या जरूर बढ़ गई।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में “सबका साथ, सबका विकास” के नारे को दोहराते हुए कहा कि भाजपा सभी वर्गों के विकास के लिए काम करती है, जबकि TMC सिर्फ अपने हितों को प्राथमिकता देती है।
वहीं, TMC की ओर से भी पलटवार किया गया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि “न आए हो, न आओगे”, यानी भाजपा के दावे सिर्फ दावे ही रह जाएंगे।
अब देखना होगा कि जनता किसके दावों पर भरोसा करती है… और 4 मई को बंगाल की सियासत किस दिशा में जाती है।














