उमाकांत त्रिपाठी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में भारी मतदान के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर करीब 92.98% मतदान दर्ज किया गया, जिसे हाल के वर्षों में सबसे ज्यादा माना जा रहा है। इस बीच Amit Shah ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मतदान को बदलाव का संकेत बताया।
अमित शाह ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में वोटिंग यह दिखाती है कि जनता अब परिवर्तन चाहती है और Bharatiya Janata Party के पक्ष में माहौल बन रहा है। उन्होंने दावा किया कि “दीदी जा रही हैं, भाजपा आ रही है”, इशारा Mamata Banerjee और उनकी पार्टी Trinamool Congress की ओर था, जो पिछले एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में है।
शाह ने आगे कहा कि पहले चरण में ही जनता ने अपना मन बना लिया है और डर का माहौल खत्म होने वाला है। उन्होंने पार्टी के आंतरिक आकलन का हवाला देते हुए दावा किया कि भाजपा 152 में से 110 से अधिक सीटें जीत सकती है। उनका कहना है कि इसी रफ्तार से दूसरे चरण के बाद पार्टी राज्य में पूर्ण बहुमत से सरकार बना सकती है।
इसके साथ ही शाह ने प्रशासन और चुनाव प्रक्रिया की भी सराहना की। उन्होंने Election Commission of India, केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस का शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए धन्यवाद दिया। खास बात यह रही कि इस चरण में किसी बड़ी हिंसा या मौत की खबर सामने नहीं आई, जिसे सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार के मुद्दे भी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के केंद्र में रहे। शाह ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर महिलाओं को भयमुक्त माहौल दिया जाएगा और शासन को पारदर्शी बनाया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार पर 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटालों का आरोप लगाया और कहा कि इन मामलों की जांच कर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
उगाही के मुद्दे पर उन्होंने “भाईपो टैक्स” का जिक्र करते हुए कहा कि व्यापारियों से अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रधानमंत्री Narendra Modi के गंगा नदी में नौका विहार पर उठे सवालों का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि इससे पीएम को नदी किनारे रहने वाले लोगों से जुड़ने का मौका मिला।
दूसरी ओर, ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर पलटवार करते हुए यमुना नदी की सफाई को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर गंगा की बात हो रही है, तो दिल्ली की नदियों की स्थिति पर भी चर्चा होनी चाहिए।
कुल मिलाकर, पहले चरण की रिकॉर्ड वोटिंग के बाद बंगाल की राजनीति में गर्माहट और बढ़ गई है। अब सभी की नजर अगले चरणों और अंतिम नतीजों पर टिकी है, जो राज्य की सियासत की दिशा तय करेंगे।














