उमाकांत त्रिपाठी। नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद (गवर्निंग काउंसिल) की बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष बैठक का विषय ‘विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास’ रखा गया था। बैठक में 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और प्रशासक शामिल हुए। विशेष बात यह रही कि पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भागीदारी की।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सहकारी संघवाद की भावना को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि जब केंद्र और राज्य एकजुट होकर कार्य करते हैं तो बड़े से बड़े लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने अल-नीनो की संभावित परिस्थितियों को लेकर चिंता जताई और राज्यों को जल संरक्षण के लिए अधिक प्रभावी और दीर्घकालिक कदम उठाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जल संकट भविष्य की बड़ी चुनौतियों में से एक है और इसके समाधान के लिए अभी से ठोस प्रयास आवश्यक हैं।
पीएम मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भविष्य की बड़ी संभावना बताते हुए राज्यों से इसके अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने साइबर फ्रॉड, डिजिटल अपराध और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए संतुलित रणनीति अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी विकास के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा और जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास यात्रा वैश्विक स्तर पर प्रेरणा का स्रोत बन रही है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि देश को वैश्विक स्तर पर अपनाई जा रही सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को अपनाने और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
हाल के वर्षों में विभिन्न देशों के साथ हुए व्यापार समझौतों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने राज्यों से युवाओं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए नए अवसर तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्यों को अपने उद्योगों और उद्यमियों को इन समझौतों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए तैयार करना चाहिए।
मोदी ने राज्यों को विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए सक्रिय प्रयास करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि वैश्विक निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर भारत को विनिर्माण, व्यापार और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाया जा सकता है।
बैठक में मानव विकास, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, तकनीकी नवाचार और सतत विकास जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत@2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और समावेशी विकास सुनिश्चित करना भी शामिल है।













