उमाकांत त्रिपाठी। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले सियासी माहौल पूरी तरह गरम हो चुका है। 29 अप्रैल को होने वाली वोटिंग से पहले सभी राजनीतिक दल चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल में विजय संकल्प सभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला।
अपने भाषण में पीएम मोदी ने दावा किया कि पहले चरण के मतदान के बाद तस्वीर साफ हो चुकी है और भारतीय जनता पार्टी राज्य में प्रचंड जीत की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “पहले चरण के मतदान में बंगाल ने कमाल कर दिया है। टीएमसी का अहंकार टूट गया है और अब दूसरे चरण में भाजपा की जीत और पक्की हो जाएगी।”
पीएम मोदी ने टीएमसी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो पार्टी कभी ‘मां-माटी-मानुष’ के नारे के साथ सत्ता में आई थी, आज वही इन मूल्यों से दूर हो चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों अब टीएमसी के नेता इस नारे का जिक्र नहीं करते? उनके मुताबिक, अगर वे ऐसा करेंगे तो उनके शासन की सच्चाई सामने आ जाएगी।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार के दौरान बंगाल की ‘मां’ को रुलाया गया, ‘माटी’ को सिंडिकेट और घुसपैठियों के हवाले कर दिया गया और ‘मानुष’ यानी आम लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि बंगाल के पास अपार संभावनाएं हैं और सही नेतृत्व मिलने पर यह राज्य फिर से देश में नंबर वन बन सकता है।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का भी जिक्र किया और उनके प्रसिद्ध नारे ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि आज बंगाल को फिर एक बदलाव की जरूरत है और इसके लिए जनता का एक वोट ही काफी है। उन्होंने लोगों से भाजपा को समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि उनका वोट बंगाल को टीएमसी के शासन से मुक्ति दिला सकता है।
टीएमसी सरकार पर हमला जारी रखते हुए पीएम मोदी ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में ‘महाजंगलराज’ का माहौल है और इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बहनों और बेटियों के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
प्रधानमंत्री ने संदेशखाली जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां महिलाओं के साथ अत्याचार हुआ, लेकिन टीएमसी सरकार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में महिलाओं का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है और यही गुस्सा बदलाव का कारण बनेगा।
अपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है कि बंगाल की जनता एक मजबूत और पारदर्शी सरकार चुने। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 4 मई के बाद अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो राज्य में कानून-व्यवस्था को सुधारने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
बंगाल की सियासत में यह बयानबाजी चुनावी माहौल को और तेज कर रही है। अब सबकी नजरें दूसरे चरण के मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हुई हैं।














