खबर इंडिया की। मध्यप्रदेश के सतना से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। सतना सेंट्रल जेल की सहायक अधीक्षक फिरोजा खातून ने हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुके धर्मेंद्र उर्फ अभिलाष से हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली।
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यह विवाह 5 मई को छतरपुर जिले के लवकुश नगर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ।

बताया जा रहा है कि फिरोजा खातून मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखती हैं, जबकि अभिलाष हिंदू समुदाय से है। दोनों की शादी को लेकर परिवार और समाज में काफी चर्चा रही। जानकारी के अनुसार, फिरोजा के परिजन इस रिश्ते से खुश नहीं थे और शादी समारोह में शामिल भी नहीं हुए। ऐसे में सतना विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर माता-पिता की भूमिका निभाई और कन्यादान कराया। शादी समारोह में बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

जानकारी के मुताबिक, सतना जेल में पदस्थापना के दौरान फिरोजा खातून वारंट इंचार्ज के रूप में कार्यरत थीं। उसी समय अभिलाष हत्या के मामले में सजा काट रहा था और जेल के अंदर वारंट से जुड़े कार्यों में सहयोग करता था। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे यह जान-पहचान दोस्ती में बदली और फिर दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए।

करीब 14 साल जेल में रहने के बाद अच्छे आचरण के आधार पर अभिलाष को रिहा किया गया था। जेल से बाहर आने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा और आखिरकार दोनों ने शादी करने का फैसला लिया।

अभिलाष छतरपुर जिले के चंदला क्षेत्र का रहने वाला है। वर्ष 2007 में नगर परिषद के तत्कालीन उपाध्यक्ष कृष्णदत्त दीक्षित की हत्या के चर्चित मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। आरोप था कि हत्या के बाद शव को जमीन में दफना दिया गया था। यह मामला उस समय काफी सुर्खियों में रहा था।

अब जब एक महिला जेल अधिकारी ने पूर्व उम्रकैदी से शादी की है, तो यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

लोग इस रिश्ते को प्रेम और विश्वास की मिसाल बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं।

शादी की खबर सामने आने के बाद सतना जेल के अधिकारी, कर्मचारी और यहां तक कि कैदियों ने भी नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दी हैं। फिलहाल यह शादी पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है।














