खबर इंडिया की। भोपाल में रिटायर्ड महिला जज की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आत्महत्या के इस केस में मृतका के मायके वालों ने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार को परिवार महिला थाने पहुंचा और जमकर हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि रसूखदार परिवार होने की वजह से आरोपी पक्ष के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है।

31 वर्षीय ट्विशा शर्मा की मंगलवार रात कटारा हिल्स इलाके में मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का सामने आया है। लेकिन मायके पक्ष इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या बता रहा है। परिवार का आरोप है कि ट्विशा को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
मृतका के भाई हर्षित शर्मा, जो भारतीय सेना में मेजर हैं, ने बताया कि मौत से कुछ घंटे पहले ट्विशा ने उन्हें फोन किया था। उसने कहा था कि पति समर्थ शर्मा पिछले कई दिनों से उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। छोटी-छोटी बातों पर उसका अपमान किया जाता था। ट्विशा भोपाल छोड़कर नोएडा लौटना चाहती थी और उसने ट्रेन टिकट भी बुक करा लिया था।

परिजनों का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य था, लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद ट्विशा के साथ व्यवहार बदल गया। उसे “नाकारा” कहकर ताने दिए जाते थे। परिवार और उसकी परवरिश को लेकर भी लगातार अपमानित किया जाता था।
मृतका की बहन प्रियंका ने आरोप लगाया कि मौत की पुष्टि होने के बाद पति समर्थ शर्मा और उसकी मां करीब एक घंटे तक गायब रहे। इसके बाद दोनों घर पहुंचे और वहां सबूतों से छेड़छाड़ की गई। परिवार का दावा है कि ट्विशा के हाथ और कान पर चोट के निशान भी मिले हैं, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है।

गुरुवार को जब परिवार महिला थाने पहुंचा तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि बुधवार रात वे न्याय की मांग लेकर थाने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उनसे बात तक नहीं की। आरोप है कि थाने का गेट बंद कर दिया गया और परिवार रातभर बाहर खड़ा रहा।
परिवार का कहना है कि बेटी की मौत के बाद भी उसे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। ट्विशा को ड्रग एडिक्ट बताने जैसे दावे किए जा रहे हैं, जिससे परिवार बेहद आहत है। उनका आरोप है कि पुलिस कार्रवाई करने के बजाय मामले को लंबा खींच रही है और आरोपी पक्ष को बचाने की कोशिश हो रही है।

हालांकि कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि थाने में किसी तरह की बदसलूकी नहीं हुई। थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे इसकी पुष्टि कर सकते हैं। पुलिस का दावा है कि परिजनों ने ही पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया।
पुलिस ने बताया कि नवविवाहिता की मौत का मामला होने के कारण जांच अब एसीपी स्तर पर की जाएगी। केस डायरी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी गई है और परिजनों के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया है।

वहीं मृतका की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह का कहना है कि रात साढ़े नौ बजे तक पूरा परिवार साथ बैठकर टीवी देख रहा था। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा मनोवैज्ञानिक उपचार करा रही थी और साइकेट्रिक दवाइयां ले रही थी।

फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर घरेलू तनाव, मानसिक प्रताड़ना और नवविवाहित महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।














