उमाकांत त्रिपाठी। सीमा सुरक्षा बल यानी BSF के शहीद सब-इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह को उनकी वीरता और सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत ‘वीरता पदक’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘BSF अलंकरण समारोह-2026’ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह सम्मान शहीद की पत्नी वीरांगना राजवती करहाना को प्रदान किया। समारोह के दौरान मौजूद अधिकारियों और जवानों ने तालियों के साथ शहीद महेंद्र सिंह के साहस और बलिदान को नमन किया।
महेंद्र सिंह वर्ष 2018 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान माओवादियों के खिलाफ चलाए गए एक विशेष ऑपरेशन में शहीद हुए थे। 10 नवंबर 2018 को हुई मुठभेड़ में उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया था। ऑपरेशन के दौरान माओवादियों ने सुरक्षा बलों पर हमला किया था, लेकिन महेंद्र सिंह ने मोर्चा संभालते हुए हमले को विफल कर दिया और अपनी टीम के कई जवानों की जान बचाई। इसी दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए और देश की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
गृह मंत्री अमित शाह ने वीरांगना राजवती को पदक और प्रशस्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि देश अपने वीर जवानों और उनके परिवारों का हमेशा ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि देश की सीमाएं और आंतरिक सुरक्षा हमारे सुरक्षा बलों के शौर्य, समर्पण और बलिदान की वजह से सुरक्षित हैं। अमित शाह ने कहा कि ऐसे वीर जवानों का योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए सरकार की नई योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट और हाई-पावर डेमोग्राफी मिशन पर तेजी से काम कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य सीमाओं की निगरानी को और आधुनिक बनाना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
समारोह में BSF के वरिष्ठ अधिकारी, जवान और शहीद परिवारों के सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान देश की सुरक्षा में बलिदान देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि भी दी गई। शहीद महेंद्र सिंह को मिला यह सम्मान एक बार फिर सुरक्षा बलों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक बन गया है।














