उमाकांत त्रिपाठी। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद शुभेंदु अधिकारी पहली बार नई दिल्ली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इन बैठकों के बाद केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के लिए कई बड़ी योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी देने के संकेत दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के तहत आने वाली योजनाओं के लिए करीब 39000 करोड़ रुपए जारी करने पर सहमति बनी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया। शुभेंदु अधिकारी ने बैठक के बाद सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री ने बंगाल को देश की विकास प्राथमिकताओं में शामिल बताया और रोजगार सृजन के साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का आश्वासन दिया।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने उन कई केंद्रीय परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई है जो ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल में रुकी हुई थीं। इनमें जल संसाधन, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र की परियोजनाएं प्रमुख हैं।
बंगाल में आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र यानी आयुष्मान आरोग्य मंदिर और मोहल्ला क्लीनिकों के तेजी से विस्तार का रास्ता भी साफ हुआ है। इसके अलावा 1 जुलाई से ‘VB G-RAM G’ योजना शुरू करने की तैयारी है। इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के वेतन रोजगार का आश्वासन दिया जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा शनिवार को बंगाल स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना और स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर रणनीति तैयार करना है।
गृह मंत्री अमित शाह के साथ शुभेंदु अधिकारी की बैठक में बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक सीमा पर घुसपैठ रोकने और सुरक्षा मजबूत करने के लिए शाह ने कई दिशा-निर्देश दिए। इसके अलावा ‘चिकन नेक कॉरिडोर’ में विकास परियोजनाओं और सीमा पर बाड़ लगाने को लेकर भी चर्चा हुई।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्र सरकार की सभी प्रमुख योजनाओं, खासकर आयुष्मान भारत योजना को राज्य में पूरी तरह लागू करने की मांग रखी। हाल ही में शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें वापस बांग्लादेश भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि जिन लोगों के नाम SIR से हटाए जाएंगे, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
सूत्रों के मुताबिक, बंगाल सरकार अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें BSF को सौंपने की योजना पर भी काम कर रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियां तय करेंगी।
दिल्ली दौरे को बंगाल और केंद्र के बीच नई राजनीतिक और प्रशासनिक समझ के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में राज्य में कई केंद्रीय परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकता है।














