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PM मोदी से 2.5 घंटे की मुलाकात के क्या मायने? राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार और राज्यसभा टिकटों पर बढ़ी हलचल

उमाकांत त्रिपाठी।राजस्थान की राजनीति में सोमवार का दिन बेहद अहम रहा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नई दिल्ली स्थित लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। करीब ढाई घंटे तक चली इस बैठक ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। माना जा रहा है कि बैठक में प्रदेश सरकार के कामकाज, संगठनात्मक मजबूती और आने वाले राजनीतिक फैसलों पर विस्तार से चर्चा हुई।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब राजस्थान भाजपा में हाल ही में संगठन महामंत्री की नियुक्ति हुई है। वहीं राज्यसभा चुनाव भी नजदीक हैं और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषक इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा चुनाव को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई हो सकती है। राजस्थान में राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है और भाजपा दो सीटों पर जीत की मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर भी पार्टी के भीतर मंथन जारी है। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा केंद्रीय नेतृत्व को फीडबैक दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

गौरतलब है कि पिछले तीन महीनों में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रधानमंत्री मोदी से यह तीसरी मुलाकात है। लगातार हो रही इन बैठकों को राजस्थान की आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई होगी।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान कृष्ण की लीलाओं पर आधारित राजस्थान की प्रसिद्ध पिचवाई चित्रकला भेंट की। नाथद्वारा से जुड़ी यह कला अपनी बारीक कारीगरी और धार्मिक महत्व के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इसे राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक माना जाता है।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन राजस्थान के विकास को नई दिशा दे रहा है। जल प्रबंधन, निवेश, महिला सशक्तिकरण, आधारभूत संरचना और जनकल्याण जैसे क्षेत्रों में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

अब इस मुलाकात के बाद सबसे ज्यादा नजरें राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा, संगठनात्मक बदलाव और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में भाजपा नेतृत्व के फैसले राजस्थान की राजनीति को नई दिशा दे सकते हैं।

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