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नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने पीएम मोदी से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों समेत इन मुद्दों पर हुई चर्चा

उमाकांत त्रिपाठी। नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रवि लामिछाने से मुलाकात की। मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर भारत और नेपाल के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रवि लामिछाने से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने साझा और समृद्ध भविष्य के लिए मिलकर काम करने की इच्छा का स्वागत करते हुए कहा कि भारत नेपाल के साथ अपने विशेष संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में कहा कि भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत नेपाल एक प्राथमिकता वाला साझेदार देश है। उन्होंने भरोसा जताया कि नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर दोनों देशों के बीच मौजूद ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और बहुआयामी संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।

इससे पहले मंगलवार को भारत दौरे पर आए रवि लामिछाने ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच भारत-नेपाल संबंधों, द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

गृह मंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार अमित शाह ने नेपाल में हुए चुनावों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की सफलता पर रवि लामिछाने को बधाई दी। साथ ही नई सरकार के सफल कार्यकाल के लिए भारत की ओर से शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं।

बैठक में दोनों पक्षों ने भारत और नेपाल के बीच विशेष संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने के संकल्प को दोहराया। चर्चा के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को आगे बढ़ाने और आपसी साझेदारी को मजबूत करने पर भी सहमति बनी।

रवि लामिछाने के साथ आए प्रतिनिधिमंडल ने भी भारतीय नेताओं से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नेपाल की नई सरकार और भारतीय नेतृत्व के बीच यह संवाद द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की यह मुलाकात भविष्य में सहयोग के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।

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