उमाकांत त्रिपाठी। Bihar Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana बिहार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जुलाई 2026 में 20 लाख महिलाओं के खातों में 20-20 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है।
Bihar Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana: जुलाई में 20 लाख महिलाओं को मिलेगा ₹20,000, PM मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में होगा बड़ा कार्यक्रम
पटना: Bihar Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana को लेकर बिहार की लाखों महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि जुलाई 2026 में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत चयनित महिलाओं के बैंक खातों में दूसरी किस्त के रूप में 20-20 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। इस कार्यक्रम को विशेष बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राशि जारी किए जाने की तैयारी चल रही है।
बिहार सरकार का दावा है कि इस योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। पहली किस्त का सफल उपयोग करने वाली महिलाओं को अब आगे व्यवसाय बढ़ाने के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार सरकार की उन महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है, जिनका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना के तहत जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपना छोटा व्यवसाय या स्वरोजगार शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
सरकार के अनुसार, पहले चरण में लाखों महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई थी। इस राशि का उपयोग महिलाओं ने छोटे व्यापार, पशुपालन, किराना दुकान, सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य रोजगार गतिविधियों में किया।
अब जिन महिलाओं ने इस सहायता राशि का सफल उपयोग कर अपने रोजगार को आगे बढ़ाया है, उन्हें दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये दिए जाएंगे।
20 लाख महिलाओं को मिलेगा दूसरी किस्त का लाभ
उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने गयाजी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस योजना को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने लगभग 20 लाख ऐसी महिलाओं की पहचान कर ली है जिन्होंने पहली किस्त का सही उपयोग किया और स्वरोजगार गतिविधियों को आगे बढ़ाया।
इन महिलाओं के खातों में जुलाई महीने में सीधे 20-20 हजार रुपये भेजे जाएंगे। राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो।
सरकार का मानना है कि दूसरी किस्त मिलने के बाद महिलाएं अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकेंगी और परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे पाएंगी।
छूटी हुई महिलाओं को भी मिलेगा लाभ
सरकार ने उन महिलाओं को भी राहत देने का फैसला किया है जिन्हें किसी कारणवश पहली किस्त का लाभ नहीं मिल पाया था।
अधिकारियों के अनुसार, पात्र होने के बावजूद जिन महिलाओं के खाते में पहली किस्त नहीं पहुंची थी, उन्हें अब 10-10 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे योजना के लाभ से वंचित रह गई महिलाओं को भी आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
राज्य सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है, इसलिए पात्र लाभार्थियों को शामिल करने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।
PM मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में होगा कार्यक्रम
बिहार सरकार इस योजना को लेकर जुलाई में एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम की तैयारी कर रही है। सम्राट चौधरी के अनुसार, कोशिश की जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बिहार यात्रा के दौरान ही यह कार्यक्रम आयोजित किया जाए।
सरकार की योजना है कि मंच से ही लाभार्थी महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर की जाए। इससे महिलाओं को सीधे लाभ मिलने के साथ-साथ योजना की पारदर्शिता भी प्रदर्शित होगी।
राजनीतिक दृष्टि से भी इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी एक बड़ी पहल है।
पिछले वर्ष शुरू हुई थी योजना
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत पिछले वर्ष की गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 सितंबर 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस योजना का शुभारंभ किया था। उस समय बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना तथा उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना था। शुरुआत में महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई थी ताकि वे अपने स्तर पर कोई छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें।
भविष्य में 2 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि यह केवल शुरुआती आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। योजना के नियमों के अनुसार, यदि महिला द्वारा शुरू किया गया रोजगार सफल रहता है और उसका प्रदर्शन संतोषजनक पाया जाता है, तो उसे आगे व्यवसाय विस्तार के लिए 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जा सकती है।
सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं को स्थायी रोजगार मिलेगा और वे दूसरों को भी रोजगार देने की स्थिति में पहुंच सकेंगी। इससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
Bihar Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana बिहार की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रही है। जुलाई 2026 में 20 लाख महिलाओं को 20-20 हजार रुपये की दूसरी किस्त मिलने से लाखों परिवारों को सीधा लाभ होगा। वहीं छूटी हुई महिलाओं को पहली किस्त का लाभ देने का निर्णय भी राहत भरा कदम माना जा रहा है।
यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन जारी रहता है, तो यह बिहार में महिला उद्यमिता और स्वरोजगार को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल हो सकती है।














