शाजापुर: मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से सामने आया Shajapur Marriage Fraud Case इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। एक युवक ने आरोप लगाया है कि शादी के 25 दिन बाद उसे पता चला कि उसकी पत्नी के बारे में विवाह से पहले महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई गई थी। युवक और उसके परिवार का दावा है कि उन्हें धोखे में रखकर शादी कराई गई। मामले में विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर दुल्हन के पिता सहित पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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यह मामला शाजापुर कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है और सभी पक्षों के बयान एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस Shajapur Marriage Fraud Case को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है, लेकिन पुलिस ने लोगों से जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील की है।
क्या है पूरा Shajapur Marriage Fraud Case?
पीड़ित 32 वर्षीय युवक शाजापुर में सब्जी का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करता है। युवक के अनुसार, पड़ोस में रहने वाली एक महिला के माध्यम से राजगढ़ जिले के पचोर निवासी परिवार से रिश्ता आया था।

युवक का कहना है कि उसका परिवार अगले वर्ष शादी करना चाहता था, लेकिन लड़की पक्ष के आग्रह पर 29 जून 2026 को पचोर के एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराया गया।
परिवार का दावा है कि विवाह समारोह पर करीब 5 लाख रुपए खर्च किए गए। साथ ही लड़की पक्ष को 1 लाख रुपए नकद देने का भी आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शादी के बाद बढ़ा परिवार का संदेह
युवक के अनुसार, विवाह के बाद पहली रात दुल्हन ने मासिक धर्म (पीरियड्स) का हवाला देते हुए शारीरिक संबंध बनाने से मना कर दिया। अगले दिन पेट दर्द की बात कही गई।

इसके कुछ दिन बाद दुल्हन मायके चली गई। परिवार के अनुसार, 23 जुलाई को जब वह दोबारा ससुराल लौटी तो उसकी जेठानी को उसके व्यवहार और कुछ शारीरिक संकेतों के आधार पर संदेह हुआ।
परिजनों का आरोप है कि बाद में उन्हें ऐसी जानकारी मिली जिससे उन्हें लगा कि विवाह से पहले महत्वपूर्ण तथ्य उनसे छिपाए गए थे। इसके बाद परिवार ने दुल्हन पक्ष से संपर्क किया और पूरे मामले पर बात करने का प्रयास किया।
विवाद बढ़ने के बाद मारपीट का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि 24 जुलाई को जब उन्होंने दुल्हन के परिजनों को फोन कर पूरी बात बताई और उन्हें शाजापुर बुलाया, तो बातचीत के दौरान विवाद हो गया।
शिकायत के अनुसार, समझौते की बातचीत के बजाय दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और बाद में मारपीट की घटना भी हुई।
हालांकि इस मामले में दूसरे पक्ष का विस्तृत बयान सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
कोतवाली थाना प्रभारी संतोष बाघेला के अनुसार, 25 जुलाई को प्राप्त शिकायत के आधार पर दुल्हन के पिता लक्ष्मीनारायण सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने धोखाधड़ी, मारपीट तथा अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में प्रस्तुत दस्तावेज, दोनों पक्षों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
जांच में किन पहलुओं पर रहेगा फोकस?
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि—
विवाह से पहले दोनों पक्षों के बीच क्या जानकारी साझा की गई थी।
शिकायत में लगाए गए धोखाधड़ी के आरोपों का आधार क्या है।
नकद राशि और शादी में खर्च को लेकर लगाए गए आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य हैं।
मारपीट की घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।
दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों में क्या तथ्य सामने आते हैं।
जांच अधिकारियों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर चर्चा, लेकिन जांच जारी
Shajapur Marriage Fraud Case सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं और दावे किए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वायरल दावों के बजाय केवल जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का भी कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी पक्ष के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार करना आवश्यक होता है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
फिलहाल Shajapur Marriage Fraud Case में पुलिस जांच जारी है। शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
मामले में लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं। पुलिस का कहना है कि सभी साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों का परीक्षण करने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कारण जांच पूरी होने से पहले किसी भी दावे की पुष्टि नहीं की जा सकती।














