वायरलअपराधउत्तर प्रदेशन्यूज़भारतशहरहेडलाइंस

Deoria Medical College Negligence: बच्ची के दाहिने हाथ में था फ्रैक्चर, डॉक्टरों ने बाएं हाथ पर चढ़ा दिया प्लास्टर, UP में डॉक्टरों ने किया गजब कारनामा, अब होगा एक्शन.?

देवरिया: Deoria Medical College Negligence का एक चौंकाने वाला मामला उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से सामने आया है। यहां एक छह वर्षीय बच्ची के दाहिने हाथ में चोट लगने के बाद उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन अस्पताल में कथित लापरवाही के चलते घायल हाथ की जगह उसके स्वस्थ बाएं हाथ पर प्लास्टर चढ़ा दिया गया। घटना के बाद परिजनों में नाराजगी है और बच्ची की मां ने जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जांच के आदेश देते हुए कहा है कि दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।

खेलते समय घायल हुई थी छह वर्षीय बच्ची

जानकारी के अनुसार, देवरिया की भुजौली कॉलोनी निवासी अल्पना उपाध्याय की छह वर्षीय बेटी खेलते समय गिर गई थी। गिरने के कारण उसके दाहिने हाथ में चोट लग गई। परिजनों ने पहले एक निजी डॉक्टर को दिखाया, जहां एक्स-रे कराने की सलाह दी गई।

एक्स-रे रिपोर्ट में हाथ में चोट की पुष्टि होने के बाद बच्ची को आगे के इलाज के लिए महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। परिजनों को उम्मीद थी कि सरकारी मेडिकल कॉलेज में बच्ची का सही उपचार होगा, लेकिन वहां जो हुआ उसने उन्हें हैरान कर दिया।

परिवार का आरोप है कि डॉक्टर ने रिपोर्ट देखने के बाद स्पष्ट रूप से उपचार संबंधी निर्देश दिए थे, फिर भी प्लास्टर कक्ष में गंभीर लापरवाही हुई।

डॉक्टर ने दाहिने हाथ का इलाज लिखा, प्लास्टर चढ़ा बाएं हाथ पर

पीड़ित परिवार के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में डॉक्टर ने बच्ची की जांच की और एक्स-रे रिपोर्ट देखने के बाद पर्चे पर आवश्यक निर्देश लिखे। इसके बाद बच्ची को प्लास्टर कराने के लिए संबंधित कक्ष में भेजा गया।

परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद कर्मचारी ने डॉक्टर का पर्चा और एक्स-रे रिपोर्ट देखने के बावजूद घायल दाहिने हाथ के बजाय बाएं हाथ पर प्लास्टर चढ़ा दिया।

जब परिजनों को इस गलती का एहसास हुआ तो उन्होंने विरोध जताया। उनका कहना है कि यदि समय रहते यह गलती पकड़ में नहीं आती तो बच्ची की परेशानी और बढ़ सकती थी।

यह घटना चिकित्सा व्यवस्था में सावधानी और जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना के बाद बच्ची की मां ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अपनी बात सार्वजनिक की। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह पूरी घटना के बारे में बता रही हैं।

वीडियो में महिला कथित तौर पर अस्पताल कर्मचारियों की गलती को उजागर करते हुए न्याय की मांग करती दिखाई दे रही हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया।

कई लोगों ने इसे गंभीर चिकित्सा लापरवाही बताया, जबकि कुछ ने अस्पतालों में बेहतर निगरानी और जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया।

हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन मामले ने स्थानीय स्तर पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

घटना के सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. एच. के. मिश्रा ने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। जांच टीम यह पता लगाएगी कि आखिर गलती किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि कोई कर्मचारी या डॉक्टर दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और सही इलाज उनकी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

चिकित्सा लापरवाही के मामलों पर उठते रहे हैं सवाल

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में मरीजों की पहचान, मेडिकल रिपोर्ट और उपचार प्रक्रिया की कई स्तरों पर जांच होनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

अक्सर अस्पतालों में मरीजों की संख्या अधिक होने और कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ने के कारण गलतियां होने की आशंका रहती है। हालांकि चिकित्सा क्षेत्र में छोटी सी चूक भी मरीज के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि प्लास्टर, सर्जरी या दवा देने जैसी प्रक्रियाओं से पहले मरीज की स्थिति और मेडिकल रिकॉर्ड का दोबारा सत्यापन बेहद आवश्यक है।

जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं सबकी नजरें

Deoria Medical College Negligence मामले में अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। परिजन चाहते हैं कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसी घटना न हो।

वहीं अस्पताल प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि गलती मानवीय चूक थी या प्रक्रिया में किसी प्रकार की गंभीर लापरवाही हुई।

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय प्रशासन दोनों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह घटना चिकित्सा व्यवस्था में जवाबदेही और सतर्कता को लेकर एक बड़ा उदाहरण बन सकती है।

Related Posts

बिकिनी पहन दो बॉयफ्रेंड संग Beach पर नहाई अफगानी मॉडल, दिखाई बोल्डनेस, अपना देश छोड़ भारत में बसी

खबर इंडिया की। अफगानिस्तान में जन्मीं मॉडल और रियलिटी शो स्टार सदफ शंकर एक बार…

1 of 840

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *