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Social Media Blackmail Case: सोशल मीडिया पर दोस्ती, फिर ब्लैकमेल… महिला से इस तरह ऐंठे गए 3.60 लाख, आप भी सुन चौंक जाएंगे

अमरेली (गुजरात): Social Media Blackmail Case का एक चौंकाने वाला मामला गुजरात के अमरेली जिले से सामने आया है। यहां एक 65 वर्षीय महिला को सोशल मीडिया के जरिए पहले दोस्ती के जाल में फंसाया गया और बाद में कथित तौर पर ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूल लिए गए। पुलिस के अनुसार आरोपी ने महिला का विश्वास जीतने के बाद उसे धमकाकर अलग-अलग किश्तों में कुल 3.60 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए।

मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि अब यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों को भी निशाना बनाया था या नहीं।

यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

सोशल मीडिया से हुई पहचान, धीरे-धीरे बढ़ी बातचीत

पुलिस के मुताबिक, नवंबर 2025 में आरोपी की पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से 65 वर्षीय महिला से हुई थी। शुरुआती बातचीत सामान्य थी और दोनों के बीच नियमित संपर्क बनने लगा।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने धीरे-धीरे महिला का भरोसा जीत लिया। बातचीत का सिलसिला बढ़ते-बढ़ते वीडियो कॉल तक पहुंच गया।

साइबर अपराध विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन ठगी और ब्लैकमेलिंग के कई मामलों में अपराधी पहले पीड़ित का विश्वास हासिल करते हैं और फिर उसी भरोसे का फायदा उठाकर उन्हें जाल में फंसाते हैं।

इस मामले में भी पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कथित रूप से इसी रणनीति का इस्तेमाल किया।

ब्लैकमेलिंग के जरिए वसूले गए लाखों रुपये

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी ने महिला को डराकर और धमकाकर आर्थिक फायदा उठाने की कोशिश की।

आरोप है कि आरोपी ने महिला और उसके परिवार को परेशान करते हुए लगातार दबाव बनाया। जांच में यह बात सामने आई है कि नवंबर 2025 से मई 2026 के बीच कई बार पैसे ट्रांसफर कराए गए।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस अवधि में महिला से कुल 3.60 लाख रुपये ऑनलाइन माध्यम से आरोपी के खाते में भेजे गए।

अधिकारियों का कहना है कि आरोपी कथित रूप से महिला को बार-बार धमकियां देता था और इसी कारण महिला मानसिक दबाव में आ गई थी।

साइबर अपराध के मामलों में विशेषज्ञ बताते हैं कि अपराधी अक्सर पीड़ितों को डराकर या बदनामी का भय दिखाकर धन उगाही करने की कोशिश करते हैं।

शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच

लगातार दबाव और कथित ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर महिला ने आखिरकार पुलिस की मदद लेने का फैसला किया।

शिकायत दर्ज होने के बाद सावरकुंडला टाउन पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल ट्रेल और लोकेशन डेटा के आधार पर आरोपी की पहचान की।

अधिकारियों के अनुसार, साइबर जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई।

मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि साइबर अपराध के मामलों में डिजिटल साक्ष्य जुटाना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है।

भुज से आरोपी गिरफ्तार

जांच के बाद पुलिस ने कच्छ जिले के भुज क्षेत्र से आरोपी मोहम्मद शब्बीर नूरमोहम्मद समा को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही उसके बैंक खातों, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की भी जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं आरोपी किसी बड़े साइबर नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं था।

इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या उसने इसी तरह अन्य लोगों को भी निशाना बनाया था।

यदि जांच में अन्य पीड़ितों की जानकारी सामने आती है, तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है।

साइबर अपराध के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता

पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अपराधी अब सोशल मीडिया को केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों की व्यक्तिगत जानकारी जुटाने के साधन के रूप में भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

कई मामलों में अपराधी नकली पहचान बनाकर लोगों से संपर्क करते हैं और बाद में उन्हें आर्थिक या मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

बुजुर्ग नागरिक अक्सर ऐसे अपराधियों के निशाने पर आ जाते हैं, क्योंकि उन्हें डिजिटल सुरक्षा के बारे में सीमित जानकारी हो सकती है।

इसी वजह से साइबर जागरूकता अभियान आज पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गए हैं।

पुलिस ने लोगों को दी महत्वपूर्ण सलाह

इस मामले के बाद पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।

अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति से संपर्क करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। किसी पर जल्दी भरोसा करने से बचना चाहिए और निजी जानकारी साझा करने से पहले पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए।

पुलिस ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन माध्यम से धमकी देता है, पैसे मांगता है या ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते शिकायत दर्ज कराने से अपराधियों तक पहुंचना आसान हो जाता है और अन्य संभावित पीड़ितों को भी बचाया जा सकता है।

डिजिटल सुरक्षा की सीख देता मामला

Social Media Blackmail Case केवल एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों की भी याद दिलाता है। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने लोगों को जोड़ने का काम किया है, लेकिन इसके साथ सावधानी और जागरूकता भी उतनी ही जरूरी हो गई है।

गुजरात के इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन यह घटना बताती है कि ऑनलाइन दुनिया में सतर्क रहना कितना महत्वपूर्ण है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया का उपयोग करते समय व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा, मजबूत गोपनीयता सेटिंग्स और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्टिंग ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

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