नई दिल्ली: Aman Sanger Success Story इन दिनों टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप जगत में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है। भारतीय मूल के 25 वर्षीय अमन संगर ने वह कर दिखाया है, जिसका सपना दुनिया भर के लाखों युवा देखते हैं। मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) जैसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी की पढ़ाई बीच में छोड़कर उन्होंने अपने दोस्तों के साथ AI आधारित कोडिंग प्लेटफॉर्म Cursor बनाया और अब उनकी कंपनी की पैरेंट फर्म Anysphere को एलन मस्क की कंपनी SpaceX ने लगभग 60 अरब डॉलर (करीब ₹5.67 लाख करोड़) के मूल्यांकन पर खरीदने का समझौता किया है।
इस ऐतिहासिक डील के बाद अमन संगर की अनुमानित नेटवर्थ करीब 5.5 अरब डॉलर (₹51,980 करोड़) पहुंच गई है। महज 25 साल की उम्र में इतनी बड़ी सफलता हासिल कर उन्होंने दुनिया भर के युवाओं के लिए प्रेरणा की नई मिसाल पेश की है।
MIT छोड़कर शुरू किया स्टार्टअप का सफर
अमन संगर का जन्म न्यूयॉर्क में हुआ था। बचपन से ही उन्हें कंप्यूटर और तकनीक में गहरी रुचि थी। उन्होंने सिर्फ 14 साल की उम्र में कोडिंग सीखना शुरू कर दिया था। उनकी प्रतिभा ने उन्हें दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में से एक MIT तक पहुंचाया।
हालांकि, 2022 में अमन ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने अपने तीन साथियों माइकल ट्रुएल, सुआलेह आसिफ और अरविद लुन्नेमार्क के साथ MIT छोड़ दिया और एक स्टार्टअप शुरू करने का जोखिम उठाया। यही फैसला आगे चलकर उनकी जिंदगी बदलने वाला साबित हुआ।
चारों दोस्तों ने मिलकर Anysphere नामक कंपनी की स्थापना की और AI तकनीक पर आधारित एक नया कोडिंग प्लेटफॉर्म विकसित करना शुरू किया, जिसे बाद में Cursor के नाम से लॉन्च किया गया।
Cursor क्या है और क्यों है इतना खास?
Cursor एक AI-पावर्ड कोडिंग प्लेटफॉर्म है, जो सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की कार्यक्षमता को कई गुना बढ़ा देता है। यह सिर्फ ऑटो-कम्प्लीट टूल नहीं है, बल्कि एक स्मार्ट AI असिस्टेंट की तरह काम करता है।
यह प्लेटफॉर्म डेवलपर्स के पूरे प्रोजेक्ट को समझकर कोड लिखने, एडिट करने, बग्स ढूंढने और जटिल समस्याओं का समाधान करने में मदद करता है। यही वजह है कि यह दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ।
आज Nvidia, Adobe, Uber, Shopify, PayPal समेत लगभग 50,000 कंपनियों के लाखों डेवलपर्स Cursor का इस्तेमाल कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI आधारित कोडिंग टूल्स सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की दुनिया को पूरी तरह बदल सकते हैं और Cursor इस बदलाव का प्रमुख चेहरा बनकर उभरा है।
चार साल में अरबों डॉलर की कंपनी
Cursor की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज ग्रोथ रही है। कंपनी ने बेहद कम समय में असाधारण सफलता हासिल की।
नवंबर 2025 में Cursor का वार्षिक राजस्व (Annual Revenue) 1 अरब डॉलर को पार कर गया था। इसके बाद कंपनी की वृद्धि और तेज हो गई।
फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 तक कंपनी का वार्षिक राजस्व बढ़कर 4 अरब डॉलर (करीब ₹37,810 करोड़) तक पहुंच गया। इतनी तेज वृद्धि ने निवेशकों और बड़ी टेक कंपनियों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
AI सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच Cursor ने खुद को एक मजबूत और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित किया।
SpaceX की डील ने बदल दी तस्वीर
टेक जगत में सबसे बड़ी चर्चाओं में शामिल इस डील के तहत SpaceX ने Anysphere के साथ एक मर्जर एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सौदा लगभग 60 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर हुआ है।
यदि नियामकीय मंजूरी समय पर मिल जाती है, तो 2026 की तीसरी तिमाही तक यह प्रक्रिया पूरी हो सकती है।
इस डील के बाद अमन संगर समेत कंपनी के संस्थापकों की संपत्ति में जबरदस्त उछाल आया है। अमन की व्यक्तिगत हिस्सेदारी के आधार पर उनकी अनुमानित नेटवर्थ ₹51,980 करोड़ तक पहुंच गई है।
डील की घोषणा के बाद अमन संगर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि वह “बेहद शक्तिशाली AI मॉडल्स पर काम करने को लेकर उत्साहित हैं।”
भारतीय मूल के युवा उद्यमियों के लिए नई प्रेरणा
अमन संगर की सफलता सिर्फ एक कारोबारी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी है कि आज भारतीय मूल के युवा वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
उनके पिता अरविंद संगर IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र और हेज फंड प्रोफेशनल हैं, जबकि उनकी मां शिल्पा संगर एक ऑर्थोडॉन्टिस्ट और उद्यमी हैं।
अमन ने स्टार्टअप शुरू करने से पहले Google और Bridgewater Associates जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में इंटर्नशिप भी की थी। उन्होंने AI कंसल्टेंसी के क्षेत्र में भी काम किया, जिससे उन्हें तकनीकी और व्यावसायिक अनुभव मिला।
AI की दुनिया में भारतीय प्रतिभा का बढ़ता प्रभाव
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय मूल के कई उद्यमियों ने वैश्विक टेक उद्योग में अपनी पहचान बनाई है। AI क्रांति के दौर में अमन संगर का नाम अब उन युवा उद्यमियों की सूची में शामिल हो गया है जो भविष्य की तकनीक को आकार दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित समाधान आने वाले दशक में सबसे बड़ा आर्थिक परिवर्तन ला सकते हैं और Cursor जैसी कंपनियां इस बदलाव की अग्रणी होंगी।
अमन संगर की कहानी यह दिखाती है कि सही विचार, तकनीकी कौशल और जोखिम उठाने का साहस किसी भी युवा को असाधारण ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। MIT छोड़ने का उनका फैसला उस समय जोखिम भरा माना गया था, लेकिन आज वही निर्णय उन्हें दुनिया के सबसे सफल युवा टेक उद्यमियों में शामिल कर चुका है।














