उमाकांत त्रिपाठी।धर्मेंद्र प्रधान CJP बयान को लेकर मंगलवार को राजनीतिक और शैक्षणिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया संगठन CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) पर तीखा हमला करते हुए उसे “दहशतगर्तों की B टीम” करार दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जिन्हें जनता ने नकार दिया, वे अब नए रूप में सामने आकर व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
NDTV को दिए एक विस्तृत इंटरव्यू में प्रधान ने नीट परीक्षा, पेपर लीक विवाद, शिक्षा माफियाओं, छात्रों की आत्महत्या के मुद्दे पर राजनीति और विपक्ष की भूमिका को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब CJP पिछले चार दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहा है और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
CJP पर क्यों भड़के धर्मेंद्र प्रधान?
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ संगठन और राजनीतिक ताकतें देश के शिक्षा तंत्र को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने CJP का नाम लिए बिना कहा कि ऐसे लोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया में असफल होने के बाद अब नए चेहरे के साथ सामने आ रहे हैं।
प्रधान ने कहा कि ये लोग उन तत्वों के समर्थन में नारे लगाते हैं जो देश को बांटने की सोच रखते हैं। उनके मुताबिक जनता अब इन संगठनों और उनकी मंशा को पहचान चुकी है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके पिछले कई दिनों से नीट पेपर लीक मामले को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठन की प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है।
शिक्षा माफियाओं को घुटनों पर लाने की चेतावनी
इंटरव्यू के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा माफियाओं और कोचिंग लॉबी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर देश की शिक्षा व्यवस्था को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रधान के अनुसार सरकार ऐसे सभी तत्वों पर नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा माफियाओं पर नियंत्रण नहीं किया गया तो देश के करोड़ों विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित नहीं रह पाएगा।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
छात्रों की आत्महत्या पर राजनीति का आरोप
धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर छात्रों की आत्महत्या जैसे संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा से पहले आत्महत्या करने वाले छात्रों की तस्वीरें और आंकड़े दिखाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।
प्रधान ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी छात्र की मौत दुखद होती है, लेकिन ऐसे मामलों को राजनीतिक हथियार बनाना और भी ज्यादा चिंताजनक है।
उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की ओर से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कोई ठोस और सकारात्मक सुझाव नहीं दिया गया है।
CBSE पोर्टल पर 38 लाख साइबर हमलों का दावा
शिक्षा मंत्री ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर महज दो घंटे के भीतर 38 लाख साइबर हमले हुए थे।
उनके अनुसार कुछ लोग शिक्षा प्रणाली में अराजकता फैलाना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि भारत के पास ऐसी चुनौतियों से निपटने की पर्याप्त तकनीकी क्षमता मौजूद है।प्रधान ने कहा कि सरकार को शिक्षा सुधार के लिए कई उपयोगी सुझाव मिले हैं और उन पर तेजी से काम किया जा रहा है।
अगले साल CBT मोड में हो सकती है NEET परीक्षा
नीट परीक्षा को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि सरकार अब परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की दिशा में काम कर रही है और अगले साल से NEET परीक्षा को CBT (Computer Based Test) मोड में कराने की तैयारी की जा रही है।उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी और परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुरक्षित होगी।
‘रक्षक ही भक्षक बन गए’
NTA और परीक्षा प्रबंधन को लेकर उठे सवालों पर प्रधान ने कहा कि एजेंसी ने जिन लोगों पर भरोसा किया था, उनमें से कुछ ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई।
उन्होंने कहा कि कुछ शिक्षकों और संबंधित व्यक्तियों की लापरवाही के कारण पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। उनके शब्दों में, “रक्षक ही भक्षक बन गए।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि देश के लाखों मेधावी विद्यार्थियों ने मेहनत के दम पर अच्छा प्रदर्शन किया है और उनकी उपलब्धियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी की कोटा रैली पर भी साधा निशाना
धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन परीक्षा से ठीक पहले छात्रों के बीच भय और असमंजस पैदा करना उचित नहीं है।
प्रधान का आरोप है कि कोटा में आयोजित रैली का उद्देश्य छात्रों के मन में परीक्षा को लेकर डर पैदा करना था। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति से छात्रों का नुकसान होता है।
अबू धाबी सेंटर विवाद पर क्या बोले?
अबू धाबी परीक्षा केंद्र विवाद पर भी शिक्षा मंत्री ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि संबंधित छात्र के पिता ने स्वयं अबू धाबी सेंटर की मांग की थी।मामला सामने आने के बाद NTA ने कुछ ही घंटों में कार्रवाई करते हुए परीक्षा केंद्र को बदलकर नागपुर कर दिया। प्रधान ने कहा कि एजेंसी ने पूरी पारदर्शिता के साथ तथ्य सार्वजनिक किए, लेकिन इसके बाद विपक्ष की ओर से कोई जवाब नहीं आया।
शिक्षा सुधार को लेकर सरकार का दावा
इंटरव्यू के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए “भारत इनोवेट्स” पहल का उद्देश्य युवाओं की प्रतिभा को देश की जरूरतों से जोड़ना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने शिक्षा क्षेत्र की मूलभूत जरूरतों को नजरअंदाज किया, जबकि वर्तमान सरकार शिक्षा को भविष्य की अर्थव्यवस्था और नवाचार से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि- कुछ राजनीतिक दल देश की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता अब इन प्रयासों को समझने लगी है। शिक्षा मंत्रालय का लक्ष्य छात्रों के लिए अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और आधुनिक परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है।














