उमाकांत त्रिपाठी।केंद्र सरकार ने देश की राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी की है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक 2026 के मसौदे में अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत राशन वितरण के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। इस नए प्रस्ताव के अनुसार अब राशन केवल परिवार के आधार पर नहीं, बल्कि परिवार के सदस्यों की संख्या के हिसाब से दिया जाएगा।
वर्तमान व्यवस्था में अंत्योदय अन्न योजना के पात्र परिवारों को हर महीने 35 किलोग्राम अनाज मिलता है। लेकिन नए प्रस्ताव के तहत प्रत्येक पात्र व्यक्ति को 7 किलोग्राम अनाज देने की योजना है। हालांकि, किसी भी परिवार को मिलने वाले राशन की अधिकतम सीमा 35 किलोग्राम प्रति माह ही रहेगी।
सरकार का मानना है कि मौजूदा सिस्टम में छोटे और बड़े परिवारों के बीच असमानता पैदा होती है। उदाहरण के लिए, दो सदस्यों वाले परिवार और पांच सदस्यों वाले परिवार को समान मात्रा में 35 किलोग्राम अनाज मिलता है। इससे प्रति व्यक्ति मिलने वाले राशन में बड़ा अंतर आ जाता है। नए नियम से इस असमानता को कम करने की कोशिश की जाएगी।
प्रस्तावित बदलाव का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और जरूरतमंद लोगों के लिए लाभकारी बनाना है। सरकार का कहना है कि इससे बड़े परिवारों को बेहतर लाभ मिलेगा और राशन वितरण प्रणाली में संतुलन आएगा।
केंद्र सरकार ने इस मसौदे पर आम जनता, विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से सुझाव भी मांगे हैं। सुझाव मिलने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा और फिर इसे लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
यदि यह संशोधन लागू होता है तो देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में यह सबसे बड़े बदलावों में से एक माना जाएगा और करोड़ों राशन कार्ड धारकों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।














