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Bareilly Police Case: 58 साल का दरोगा महिला से बोला- पति बना लो:नौकरी दिलवा दूंगा, 35 साल की पीड़ित बोली- प्रेग्नेंट हुई तो अबॉर्शन करवाया

बरेली (उत्तर प्रदेश): Bareilly Police Case इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। बरेली में 35 वर्षीय महिला ने 58 वर्षीय एक पुलिस उपनिरीक्षक (दरोगा) पर शादी और नौकरी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने, आर्थिक लाभ लेने और बाद में साथ छोड़ देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने संबंधित दरोगा को निलंबित कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और महिला के बयान के साथ उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

यह मामला उस समय सामने आया जब महिला ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि वह पहले घरेलू हिंसा की शिकायत लेकर थाने गई थी, जहां उसकी मुलाकात दरोगा से हुई। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और कथित तौर पर शादी का भरोसा देकर संबंध बनाए गए।

कैसे हुई दोनों की मुलाकात?

महिला के अनुसार उसकी शादी वर्ष 2013 में हुई थी, लेकिन वैवाहिक जीवन में विवाद के चलते वह अपने पति से अलग रहने लगी। बाद में उसने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने का रुख किया।

इसी दौरान उसकी मुलाकात संबंधित दरोगा से हुई। महिला का आरोप है कि दरोगा ने पहले मामले में मदद का भरोसा दिया और जांच के बहाने उसका मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद दोनों के बीच लगातार बातचीत होने लगी।

महिला का कहना है कि शुरुआत में बातचीत केवल केस से जुड़ी थी, लेकिन बाद में निजी बातचीत बढ़ने लगी और मुलाकातों का सिलसिला शुरू हो गया।

महिला ने लगाए क्या आरोप?

महिला का आरोप है कि दरोगा ने उसे नौकरी दिलाने और शादी करने का भरोसा दिया। महिला के अनुसार आरोपी ने कहा कि वह अपनी पत्नी से तलाक लेकर उससे विवाह करेगा।

शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि इसी भरोसे पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। उसने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2026 में गर्भवती होने पर उसका गर्भपात (अबॉर्शन) कराया गया।

महिला का यह भी दावा है कि दोनों करीब एक वर्ष तक किराए के मकान में साथ रहे। उसने स्वयं को आरोपी की पत्नी मानते हुए उसके साथ पारिवारिक जीवन बिताया और धार्मिक परंपराओं का भी पालन किया।

इन आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। फिलहाल इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने तक नहीं हुई है।

 जेवर लेने का भी आरोप

महिला ने अपनी शिकायत में आर्थिक शोषण का आरोप भी लगाया है।

उसके अनुसार, फरवरी 2026 में आरोपी दरोगा ने अपने बेटे की शादी का हवाला देकर उससे लगभग आठ लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण लिए। बाद में जब उसने जेवर वापस मांगे तो आरोपी कथित रूप से टालमटोल करने लगा।

महिला का आरोप है कि विरोध करने पर उसे धमकाया गया और बाद में दरोगा अपने परिवार के पास लौट गया।

पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

महिला की शिकायत मिलने के बाद बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने संबंधित दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

इसके बाद महिला ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। पुलिस के अनुसार महिला ने कुछ फोटो, वीडियो और अन्य दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आरोपी दरोगा के बारे में क्या जानकारी है?

प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी उपनिरीक्षक उत्तर प्रदेश पुलिस में लंबे समय से सेवा दे रहा है और बरेली के कई थानों में तैनात रह चुका है।

बताया जा रहा है कि उसकी सेवानिवृत्ति में लगभग दो वर्ष का समय शेष है। उसके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं तथा सभी बच्चों का विवाह हो चुका है।

फिलहाल मामले की जांच लंबित है और आरोपी की ओर से सार्वजनिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 महिला ने क्या कहा?

महिला का कहना है कि वह अनाथ है और जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना कर चुकी है। इसी कारण उसने आरोपी पर भरोसा किया।

उसका आरोप है कि आरोपी ने उसकी भावनात्मक स्थिति का लाभ उठाया और शादी का भरोसा देकर संबंध बनाए। महिला ने न्याय की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की अपील की है।

जांच पूरी होने का इंतजार

Bareilly Police Case फिलहाल जांच के चरण में है। पुलिस महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों, प्रस्तुत साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों की जांच कर रही है।

किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आता है। ऐसे में आरोपों को फिलहाल शिकायत का हिस्सा माना जा रहा है और संबंधित पक्षों की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि जांच में कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं, तो उसके आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।

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