इंदौर। Indore Drugs Case में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर में सामने आए कथित ड्रग्स रैकेट की जांच अब पहले से कहीं ज्यादा व्यापक हो गई है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती कार्रवाई दो आरोपियों की गिरफ्तारी से शुरू हुई थी, लेकिन पूछताछ के दौरान कई नई कड़ियां सामने आईं। अब जांच में 203 लोगों के नाम सामने आने का दावा किया गया है, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि सभी नाम सामने आने का मतलब यह नहीं है कि सभी आरोपी हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इनमें कौन सप्लायर था, कौन ग्राहक था और किसकी भूमिका किस स्तर की थी। इसी बीच एक युवती के बयान ने भी इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
कैसे शुरू हुआ Indore Drugs Case?
पुलिस के मुताबिक, 9 जुलाई को इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में ड्रग्स से जुड़े एक मामले में कार्रवाई की गई थी। इस दौरान पुलिस ने दो आरोपियों इरफान खान उर्फ गोली चंदेरी और संजय कौशल को गिरफ्तार किया।
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर कुछ अन्य लोगों को ड्रग्स सप्लाई करने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ आगे बढ़ाई। इसी दौरान कई नए नाम सामने आए, जिनमें मानव गंगवानी, नाना पटवारी उर्फ कुलभूषण और बाद में आरिफ खान का नाम भी शामिल बताया गया।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई और जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
युवती के बयान से जांच में नया मोड़
जांच के दौरान पुलिस के सामने एक युवती का नाम भी आया। अधिकारियों के अनुसार, युवती को पूछताछ के लिए बुलाया गया, जहां उसने कुछ महत्वपूर्ण बातें बताईं।
पुलिस के अनुसार, युवती ने दावा किया कि वह कथित रूप से नाना पटवारी के साथ दो-तीन बार ड्रग्स का सेवन कर चुकी है। उसने कुछ फ्लैटों का भी जिक्र किया, जहां वह उनके साथ गई थी।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवती द्वारा दिए गए सभी बयानों का अभी सत्यापन किया जा रहा है। फिलहाल किसी भी दावे को अंतिम रूप से सही नहीं माना गया है।
जांच अधिकारी संबंधित फ्लैटों, वहां मौजूद लोगों और संभावित गतिविधियों की भी जांच कर रहे हैं।
203 लोगों के नाम आने के बाद पुलिस की जांच तेज
इंदौर पुलिस के अनुसार, तकनीकी जांच, मोबाइल डेटा, डिजिटल रिकॉर्ड और आरोपियों से पूछताछ के दौरान 203 लोगों के नाम सामने आए हैं।
अब पुलिस इन सभी लोगों की भूमिका अलग-अलग स्तर पर जांच रही है।
जांच में निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है—
कौन लोग ड्रग्स सप्लाई चेन से जुड़े थे।
कौन नियमित ग्राहक थे।
किन लोगों ने आर्थिक लेनदेन किया।
किन लोगों की केवल बातचीत या संपर्क सामने आया।
पुलिस का कहना है कि जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों को नोटिस भेजकर पूछताछ की जाएगी।
ड्रग्स नेटवर्क की फाइनेंशियल ट्रेल भी जांच के दायरे में
Indore Drugs Case में केवल ड्रग्स की बरामदगी या सप्लाई तक ही जांच सीमित नहीं है। पुलिस अब इस नेटवर्क के आर्थिक पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि—
ड्रग्स खरीदने और बेचने के लिए भुगतान किस प्रकार किया जाता था।
क्या किसी संगठित नेटवर्क के माध्यम से आर्थिक लेनदेन हो रहा था।
क्या अलग-अलग खातों का इस्तेमाल धन के प्रवाह को छिपाने के लिए किया गया।
यदि जांच में वित्तीय अनियमितताओं के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस का क्या कहना है?
इंदौर के डीसीपी (जोन-1) नरेंद्र रावत के अनुसार, यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि युवती के बयान सहित सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। केवल पूछताछ में सामने आए बयानों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।
पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्य, डिजिटल डेटा और अन्य दस्तावेजों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच अभी जारी, कई पहलुओं पर फोकस
Indore Drugs Case अब केवल एक स्थानीय आपराधिक मामला नहीं रह गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इसके तार किसी बड़े ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े हैं।
फिलहाल पुलिस निम्न पहलुओं पर काम कर रही है—
ड्रग्स की सप्लाई चेन
कथित सप्लायरों की भूमिका
संभावित ग्राहकों की पहचान
डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण
आर्थिक लेनदेन की जांच
संदिग्ध स्थानों का सत्यापन
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।














