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दतिया उपचुनाव में अब बीजेपी के बाद कांग्रेस को लग सकता है झटका, इस दिग्गज के बीजेपी में जाने की अटकलें, दिग्विजय ने मांगी माफी

उमाकांत त्रिपाठी।Datia By-Election 2026 को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गर्म हो गई है। सोमवार को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में आयोजित सभा में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भावुक हो गए। उनका गला भर आया और उन्होंने कार्यकर्ताओं के सामने भावुक अपील करते हुए कहा कि वे दतिया के एक-एक घर के सामने शीश नवाकर भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगेंगे। दूसरी ओर कांग्रेस के उम्मीदवार घनश्याम सिंह के नामांकन के दौरान भी राजनीतिक हलचल देखने को मिली, जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता अवधेश नायक की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बन गई।

भाजपा की सभा में भावुक हुए नरोत्तम मिश्रा

भाजपा की चुनावी सभा में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के उस आरोप का जवाब दिया जिसमें भाजपा में फूट होने की बात कही जा रही थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और भाजपा के सभी नेता एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे हैं।

भावुक होते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वे इस उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को विजयी बनाने के लिए दतिया के हर घर के सामने सिर झुकाकर समर्थन मांगेंगे। उनके भाषण के दौरान उनका गला भर आया और कुछ देर के लिए वे भावुक हो गए।

कांग्रेस प्रत्याशी पर साधा निशाना

सभा में नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार “एक्सपायरी डेट की होम्योपैथी की गोली” की तरह हैं, जो देखने में मीठी लगती है लेकिन उसका कोई असर नहीं होता। उनके इस बयान पर सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार समर्थन जताया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सौंपा जिम्मा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि- वे आशुतोष तिवारी को नरोत्तम मिश्रा के सुपुर्द कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशुतोष उनके छोटे भाई जैसे हैं और अब उन्हें जीत दिलाने की जिम्मेदारी नरोत्तम मिश्रा की है।

मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव प्रचार करने और भाजपा को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील भी की।

कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने किया नामांकन

सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए चुनावी एकजुटता दिखाने की कोशिश की, लेकिन पार्टी के भीतर नाराजगी की चर्चाएं भी सामने आईं।

भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने भरा नामांकन

दोपहर करीब ढाई बजे भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने अपना नामांकन दाखिल किया। उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

भाजपा ने इस अवसर को शक्ति प्रदर्शन में बदलते हुए बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी दर्ज कराई।

कांग्रेस में अवधेश नायक की नाराजगी चर्चा में

दतिया उपचुनाव के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अवधेश नायक की नाराजगी भी खुलकर सामने आई। वे कांग्रेस की सभा में शामिल नहीं हुए, जिससे राजनीतिक गलियारों में उनकी भाजपा में वापसी की अटकलें तेज हो गईं।

फोन पर बातचीत में अवधेश नायक ने कहा कि वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पहले उन्हें टिकट दिया था, लेकिन बाद में उनका टिकट बदलकर राजेंद्र भारती को दे दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ नेताओं ने उनका अपमान किया और उनका राजनीतिक नुकसान किया।

दिग्विजय सिंह के बयान का भी किया जिक्र

अवधेश नायक ने दावा किया कि कुछ दिन पहले उनकी मुलाकात दिग्विजय सिंह से हुई थी। उन्होंने बताया कि दिग्विजय सिंह ने कहा था कि सर्वे में उनका फीडबैक अच्छा है, लेकिन उनके राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा नेताओं से पुराने संबंधों को लेकर पार्टी को संदेह था।

नायक ने कहा कि- उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन प्रदेश नेतृत्व ने उनके साथ न्याय नहीं किया।

भाजपा में वापसी पर क्या बोले अवधेश नायक

जब उनसे भाजपा में वापसी की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके सामने सभी विकल्प खुले हैं और वे फिलहाल विचार-मंथन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी उनके छोटे भाई जैसे हैं।

दतिया उपचुनाव पर सबकी नजर

Datia By-Election 2026 अब मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो गया है। एक ओर भाजपा नरोत्तम मिश्रा और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में पूरी ताकत झोंक रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ चुनाव मैदान में उतरी है। हालांकि पार्टी के भीतर सामने आ रही नाराजगी आने वाले दिनों में चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। अब देखना होगा कि मतदाता किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाते हैं।

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