उमाकांत त्रिपाठी।india Hydrogen Train को लेकर भारत ने रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद से देश की पहली India Hydrogen Train को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच संचालित होगी। इसके साथ ही भारत जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन के बाद हाइड्रोजन ट्रेन सेवा शुरू करने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि जींद-सोनीपत के बीच चलने वाली यह ट्रेन दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है। इसकी क्षमता 3200 हॉर्सपावर है और इसे पूरी तरह भारतीय इंजीनियरों ने डिजाइन किया है, जबकि निर्माण भी भारतीय कंपनी द्वारा किया गया है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत और आधुनिक रेलवे की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया।
भारत की पहली Hydrogen Train क्यों है खास?
प्रधानमंत्री ने कहा कि India Hydrogen Train केवल एक नई ट्रेन नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी क्षमता और हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) की दिशा में बड़ा कदम है। यह ट्रेन लगभग 90 किलोमीटर के रूट पर संचालित होगी और भविष्य में इसके विस्तार की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि- दुनिया के केवल कुछ देशों के पास ही हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक है और वहां भी यह अभी शुरुआती चरण में है। ऐसे में भारत का इस क्षेत्र में प्रवेश देश की इंजीनियरिंग क्षमता और नवाचार का प्रमाण है।पीएम मोदी ने बताया कि आने वाले समय में इस तकनीक पर और रिसर्च होगी ताकि इसकी लागत कम की जा सके और इसकी कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके।
रेलवे के बिजलीकरण पर भी बोले PM मोदी
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय रेलवे के तेजी से हुए बिजलीकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1925 से लेकर 2014 तक लगभग 90 वर्षों में देश के केवल 30 प्रतिशत रेल नेटवर्क का ही बिजलीकरण हो पाया था।
उन्होंने कहा कि- यदि उसी गति से काम चलता रहता तो पूरे रेल नेटवर्क का बिजलीकरण पूरा होने में करीब 200 वर्ष और लग जाते। लेकिन पिछले 12 वर्षों में स्थिति पूरी तरह बदल गई है और अब लगभग 99 प्रतिशत रेलवे नेटवर्क का बिजलीकरण हो चुका है।पीएम मोदी ने कहा कि इससे रेलवे की डीजल पर निर्भरता काफी कम हुई है और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है।
होर्मुज स्ट्रेट और ऊर्जा सुरक्षा का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि- यदि होर्मुज स्ट्रेट में युद्ध जैसी स्थिति बनती है तो उसका असर भारत पर भी पड़ता है क्योंकि इसी समुद्री मार्ग से पेट्रोल, डीजल और खाद जैसी आवश्यक वस्तुएं भारत पहुंचती हैं।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसी स्थिति 2014 से पहले आती तो भारतीय रेलवे गंभीर संकट में फंस सकती थी क्योंकि उस समय अधिकतर ट्रेनें डीजल इंजनों पर निर्भर थीं।
उन्होंने कहा कि- आज भारत ने रेलवे का व्यापक बिजलीकरण कर ऊर्जा संकट जैसी परिस्थितियों से निपटने की क्षमता विकसित कर ली है। उनके अनुसार, “यह नया भारत है, जो भविष्य की चुनौतियों को पहले से पहचानकर समाधान तैयार करता है।”
स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में भी होगा बड़ा सहयोग
प्रधानमंत्री ने हाल ही में इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि इन देशों के साथ खेल उद्योग, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और खेल प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोग स्थापित हुआ है।
उन्होंने कहा कि- इसका सबसे अधिक लाभ हरियाणा के खिलाड़ियों और युवाओं को मिलेगा क्योंकि हरियाणा देश के सबसे प्रमुख खेल राज्यों में शामिल है।
उन्होंने बताया कि- केंद्र सरकार की नई राष्ट्रीय खेल नीति, खेलो इंडिया अभियान और ओलंपिक तैयारियों के लिए खिलाड़ियों को हर संभव सहायता दी जा रही है। साथ ही हरियाणा सरकार भी खिलाड़ियों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है।
जींद को मिले 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन के अलावा हरियाणा को 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात भी मिली है।
इनमें रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, विरासत संरक्षण और दो नए मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं के लिए डॉक्टर और मेडिकल प्रोफेशनल बनने के नए अवसर खुलेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि- हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन से जींद में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास होगा और भविष्य में नई कंपनियां तथा उद्योग भी यहां निवेश करेंगे।
स्वच्छता अभियान की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने जींद और हरियाणा के लोगों की स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी की भी प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि- पिछले एक सप्ताह से वे सोशल मीडिया पर जींद में चल रहे सफाई अभियान की तस्वीरें और वीडियो देख रहे थे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें संदेश भेजा कि “मोदी जी, बार-बार जींद आइए ताकि सफाई अभियान चलता रहे।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि स्वच्छता केवल प्रधानमंत्री के आने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि इसे जन आंदोलन बनाया जाना चाहिए।
जींद से जुड़ी पुरानी यादें साझा कीं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जींद से उनका पुराना भावनात्मक रिश्ता है। उन्होंने बताया कि कई दशक पहले संगठन के कार्यकर्ता के रूप में वे पहली बार जींद आए थे।
उन्होंने जींद की मुर्रा भैंस का दूध-दही, देसी बूरा और प्रसिद्ध घेवर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जींद ने उन्हें हमेशा अपनापन दिया है और यह शहर उनकी यादों में हमेशा रहेगा।
उन्होंने कहा कि- जिस तरह भारत की पहली ट्रेन मुंबई से ठाणे के बीच चली थी और इतिहास में दर्ज है, उसी तरह भविष्य में जब भी India Hydrogen Train की शुरुआत का उल्लेख होगा, तब जींद, सोनीपत और हरियाणा का नाम भी गर्व से लिया जाएगा।
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन केवल एक नई रेल सेवा नहीं बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत, आधुनिक रेलवे और हरित परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। इससे रेलवे के भविष्य में पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के उपयोग को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।














