खबर इंडिया की।India Family Business Wealth 2026 एक बार फिर चर्चा में है। हुरुन इंडिया और बार्कलेज प्राइवेट क्लाइंट्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत के 300 सबसे मूल्यवान फैमिली बिजनेस की कुल संपत्ति रिकॉर्ड ₹138 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा केवल भारत की आर्थिक मजबूती को नहीं दर्शाता, बल्कि दुनिया के बड़े देशों की अर्थव्यवस्थाओं को भी चुनौती देता है। रिपोर्ट बताती है कि 2024 की तुलना में इन परिवारों की संपत्ति में लगभग ₹30 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई है, जबकि 2025 के मुकाबले इसमें ₹1.23 लाख करोड़ का इजाफा दर्ज किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो वर्षों में इन 300 बिजनेस परिवारों ने औसतन हर दिन ₹4,076 करोड़ की नई संपत्ति जोड़ी है। यह भारत के कॉर्पोरेट सेक्टर की तेज रफ्तार वृद्धि और पारिवारिक कारोबारों की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
भारत के फैमिली बिजनेस ने बनाया नया रिकॉर्ड
‘2026 बार्कलेज प्राइवेट क्लाइंट्स हुरुन इंडिया मोस्ट वैल्युएबल फैमिली बिजनेस लिस्ट’ के अनुसार भारत के शीर्ष 300 फैमिली बिजनेस की संयुक्त संपत्ति 1.46 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग ₹138 लाख करोड़ हो गई है।
यह आंकड़ा कई विकसित देशों की अर्थव्यवस्था से भी बड़ा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि इन सभी परिवारों की संयुक्त संपत्ति को एक अलग देश माना जाए, तो यह दुनिया की 18वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकती है।
हुरुन इंडिया के फाउंडर और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद के अनुसार भारतीय पारिवारिक कारोबार लगातार वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं। उनका मानना है कि यह वृद्धि भारत की आर्थिक क्षमता और उद्यमशीलता का बड़ा उदाहरण है।
जिंदल परिवार ने बनाई सबसे ज्यादा नई संपत्ति
रिपोर्ट में सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन जिंदल परिवार का रहा है। पिछले तीन वर्षों में जिंदल परिवार ने अपनी संपत्ति में करीब ₹3.3 लाख करोड़ की बढ़ोतरी की है।
इसके साथ ही उनकी कुल नेटवर्थ लगभग 70 प्रतिशत बढ़कर ₹8.02 लाख करोड़ पहुंच गई है। यह तीन वर्षों में किसी भी भारतीय फैमिली बिजनेस द्वारा दर्ज की गई सबसे बड़ी वेल्थ क्रिएशन मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्टील, ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मजबूत प्रदर्शन ने जिंदल समूह की संपत्ति बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
नीदरलैंड और सऊदी अरब की GDP से भी बड़ी संपत्ति
India Family Business Wealth 2026 रिपोर्ट का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि भारतीय फैमिली बिजनेस की कुल संपत्ति कई देशों की GDP से भी अधिक हो चुकी है।
रिपोर्ट के अनुसार यह संयुक्त संपत्ति:
- नीदरलैंड्स की GDP से अधिक
- सऊदी अरब की GDP से अधिक
- स्विट्जरलैंड की GDP से अधिक
- पोलैंड की GDP से अधिक
अगर इन 300 परिवारों को एक आर्थिक इकाई माना जाए तो यह दुनिया की शीर्ष 20 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाएगी। इससे स्पष्ट होता है कि भारतीय उद्योग जगत वैश्विक स्तर पर तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।
आहूजा परिवार ने दर्ज की सबसे तेज ग्रोथ
ग्रोथ प्रतिशत के मामले में शाही एक्सपोर्ट्स के आहूजा परिवार ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है।
पिछले तीन वर्षों में उनकी संपत्ति 352 प्रतिशत बढ़कर ₹37,500 करोड़ तक पहुंच गई। यह इस सूची में शामिल सभी परिवारों के बीच सबसे अधिक ग्रोथ रेट है।
विशेषज्ञों के अनुसार निर्यात कारोबार, वैश्विक मांग और बेहतर बिजनेस रणनीति ने इस शानदार वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए क्यों अहम है यह रिपोर्ट
भारत के पारिवारिक व्यवसाय देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। लाखों लोगों को रोजगार देने से लेकर बड़े पैमाने पर निवेश और उत्पादन बढ़ाने तक इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
रिपोर्ट यह संकेत देती है कि भारतीय कंपनियां केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी तेजी से विस्तार कर रही हैं। इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा भी भारतीय बाजार पर लगातार मजबूत हो रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि- यदि यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।














