उमाकांत त्रिपाठी।Ram Nath Kovind Biography Launch कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles’ का विमोचन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने युवाओं को आत्मकथाएं पढ़ने, संघर्षों से सीखने और जीवन में शॉर्टकट से बचने की सलाह दी। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनकी पत्नी सविता कोविंद भी उपस्थित रहीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज सोशल मीडिया और रील्स का दौर है, जहां लोग जल्दी सफलता पाने के लिए शॉर्टकट तलाशते हैं। लेकिन जीवन में स्थायी सफलता केवल मेहनत, अनुशासन और संघर्ष से ही मिलती है। उन्होंने रेलवे स्टेशनों पर लिखी जाने वाली उस चेतावनी का भी जिक्र किया कि “शॉर्टकट न अपनाएं”, क्योंकि शॉर्टकट इंसान को छोटा बना देता है।
PM Modi ने युवाओं को दिया संघर्ष से सीखने का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में संघर्ष आते हैं, लेकिन उन संघर्षों से सीखकर आगे बढ़ना ही असली सफलता है। उन्होंने कहा कि रामनाथ कोविंद का जीवन इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प रखने वाला व्यक्ति देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को सोशल मीडिया पर समय बिताने के साथ-साथ महान व्यक्तित्वों की आत्मकथाएं भी पढ़नी चाहिए। आत्मकथाएं केवल किसी व्यक्ति की कहानी नहीं होतीं, बल्कि उस दौर के समाज, राजनीति और चुनौतियों को समझने का भी अवसर देती हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविंद जी का जीवन यह साबित करता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता अवश्य मिलती है।
रामनाथ कोविंद की आत्मकथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि Ram Nath Kovind Biography Launch केवल एक पुस्तक का विमोचन नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की प्रेरणादायक यात्रा को देश के सामने लाने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि रामनाथ कोविंद की आत्मकथा आने वाली पीढ़ियों के लिए लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण धरोहर साबित होगी। इससे युवा यह समझ पाएंगे कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और समर्पण के साथ आगे बढ़कर बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति पद का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी रामनाथ कोविंद सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं और “वन नेशन, वन इलेक्शन” जैसे महत्वपूर्ण विषय पर काम कर रहे हैं। यह उनके राष्ट्रहित के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि देश को भविष्य में ऐसे और युवा चाहिए, जो चुनौतियों से डरने के बजाय उनका सामना करें और अपने संघर्ष को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लें।
‘Shortcuts आपको छोटा कर देंगे’ – PM Modi
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया संस्कृति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज रील्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। कई बार लोग कम समय में सफलता पाने के भ्रम में पड़ जाते हैं।
उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन में किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए शॉर्टकट का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए। मेहनत, धैर्य और निरंतर सीखने की आदत ही व्यक्ति को ऊंचाइयों तक पहुंचाती है।
पीएम मोदी ने कहा कि रेलवे स्टेशनों पर लिखी जाने वाली एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए—”शॉर्टकट न अपनाएं। शॉर्टकट आपको छोटा कर देगा।”
रामनाथ कोविंद ने साझा किए अपने संघर्षों के अनुभव
कार्यक्रम के दौरान पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने बचपन और संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उनका जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के एक छोटे से गांव में हुआ था।
उन्होंने बताया कि बचपन में उनके घर की छत बारिश के दौरान टपकती थी और परिवार ने कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताया। आज जब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करोड़ों गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले हैं, तो उन्हें अपने पुराने दिनों की याद आती है।
रामनाथ कोविंद ने कहा कि गांव ने उन्हें जीवन की सबसे महत्वपूर्ण सीख दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे बड़े पद पर होने के बावजूद सामान्य कार्यकर्ताओं से भी सहजता से जुड़ जाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को इसलिए चुना क्योंकि पार्टी वंशवाद और जातीय राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देती है।
भारतीय लोकतंत्र की प्रेरणादायक यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आत्मकथा का शीर्षक “Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles” बिल्कुल उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि रामनाथ कोविंद के व्यक्तिगत संघर्ष भले ही उनके अपने रहे हों, लेकिन उन संघर्षों की सफलता पूरे भारतीय लोकतंत्र की जीत है।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रेरणादायक जीवन चरित्र देश के युवाओं को सही दिशा देने का काम करते हैं। आत्मकथाएं केवल अतीत नहीं बतातीं, बल्कि भविष्य के लिए भी प्रेरणा देती हैं।














