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पहलगाम हमले के बाद जब पहली बार हुई पीएम मोदी से मुलाकात, अजित डोभाल ने सुनाया चौंकाने वाला किस्सा

उमाकांत त्रिपाठी।Ajit Doval on PM Modi First Reaction on Pahalgam Attack को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने डिस्कवरी चैनल की आने वाली डॉक्यूमेंट्री में बताया कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले की जानकारी मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना विदेश दौरा बीच में छोड़ दिया था। भारत लौटने के बाद उनका पहला सवाल था— “इसके पीछे कौन जिम्मेदार है?” डोभाल के अनुसार, यही सवाल आगे चलकर आतंकियों के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी जवाबी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर की नींव बना।

पहलगाम में हुए इस आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। इसके बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से जांच शुरू की और हमले के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया। डोभाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का स्पष्ट निर्देश था कि दोषियों की पहचान कर उन्हें ऐसा जवाब दिया जाए, जो पूरी दुनिया के लिए संदेश बने।

PM Modi ने एयरपोर्ट पर ही बुलाई हाई लेवल मीटिंग

अजीत डोभाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत लौटते ही एयरपोर्ट पर ही विदेश सचिव और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े शीर्ष अधिकारियों के साथ आपात बैठक हुई। इस बैठक में प्रधानमंत्री ने सबसे पहले घटना की पूरी जानकारी ली।

डोभाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का पहला सवाल था, “इस हमले के पीछे कौन जिम्मेदार है?” उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों से स्पष्ट कहा कि किसी भी कीमत पर हमले के जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाए।

एनएसए के मुताबिक भारतीय खुफिया एजेंसियों ने बेहद कम समय में यह पता लगा लिया कि हमले के पीछे कौन से आतंकी संगठन और उनके कौन-कौन से ठिकाने शामिल थे। इसके बाद सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रणनीति तैयार की।

Operation Sindoor बना आतंकवाद के खिलाफ बड़ा जवाब

Ajit Doval on PM Modi First Reaction on Pahalgam Attack के दौरान डोभाल ने बताया कि खुफिया जानकारी मिलने के बाद भारत ने 6-7 मई 2025 की रात ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया।

इस सैन्य अभियान के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकवादी संगठनों के 9 बड़े ठिकानों को सटीक मिसाइल और एयर स्ट्राइक के जरिए निशाना बनाया। इन ठिकानों का संबंध लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से बताया गया।

डोभाल ने कहा कि यह कार्रवाई केवल जवाबी हमला नहीं थी बल्कि भारत की नई राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का स्पष्ट संदेश था कि सीमा पार आतंकवाद को अब पहले की तरह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

‘भारत आतंकवादियों को कभी माफ नहीं करेगा’

डॉक्यूमेंट्री में अजीत डोभाल ने बेहद सख्त शब्दों में कहा कि दुनिया को यह समझ लेना चाहिए कि भारत की सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझा जा सकता।

उन्होंने कहा,

“भारत जोखिम उठाने की क्षमता रखता है और जरूरत पड़ने पर परिणामों की परवाह किए बिना जवाबी कार्रवाई कर सकता है। आतंकवादी चाहे जमीन पर हों, आसमान में हों या फिर पाताल में छिपे हों, भारत उनका पीछा करेगा और उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।”

डोभाल के इस बयान को भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। उनका कहना था कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।

‘Operation Sindoor अभी भी जारी है’ का क्या मतलब है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद कहा था कि “ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है।” इस बयान की व्याख्या करते हुए अजीत डोभाल ने कहा कि इसका मतलब केवल सैन्य अभियान नहीं है।

उनके अनुसार, जब प्रधानमंत्री कहते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है, तो उसका अर्थ है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई तब तक खत्म नहीं होगी, जब तक अंतिम आतंकवादी और उसके पूरे नेटवर्क का सफाया नहीं हो जाता।

डोभाल ने कहा कि यह एक दीर्घकालिक राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है, जिसमें आतंकवाद के हर स्रोत पर लगातार नजर रखी जाएगी।

88 घंटे तक चला सैन्य संघर्ष

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच करीब 88 घंटे तक सैन्य तनाव बना रहा। इस दौरान दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर रहीं।

आखिरकार 10 मई की शाम पाकिस्तान के डीजीएमओ द्वारा भारतीय समकक्ष से संपर्क किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने और संघर्ष विराम पर सहमति बनी।

हालांकि भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान का स्पष्ट संदेश रहा कि यदि भविष्य में दोबारा ऐसी आतंकी घटना होती है तो भारत पहले से भी अधिक सख्त कार्रवाई करेगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में बदलाव का संकेत

अजीत डोभाल के इस ताजा खुलासे से यह स्पष्ट होता है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति और अधिक आक्रामक हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले सवाल से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक की पूरी कार्रवाई इस बात का संकेत देती है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ त्वरित और निर्णायक जवाब देने की नीति पर आगे बढ़ रहा है।

डोभाल ने यह भी दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत का अभियान किसी एक ऑपरेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। आने वाले समय में भी सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादी नेटवर्क और उनके समर्थकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करती रहेंगी

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