उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के निंबाहेड़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोला। **Amit Shah on Vande Mataram** बयान में शाह ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के चलते कांग्रेस ने वंदे मातरम जैसे राष्ट्रभाव से जुड़े गीत को भुलाने का काम किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के 150वें वर्ष के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से इस गीत को सम्मान वापस दिलाने का काम किया है।
शाह ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम गाए जाने से जुड़े एक वीडियो का जिक्र करते हुए सोनिया गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि गीत के दौरान सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को इसे रोकने का इशारा किया। हालांकि, इस मामले में कांग्रेस की ओर से इस आरोप पर प्रतिक्रिया का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
## Amit Shah on Vande Mataram: ‘वोट बैंक के लालच में कांग्रेस ने भुलाया’
निंबाहेड़ा की सभा में अमित शाह ने वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि देश में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर महत्वपूर्ण है और इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से इसे फिर से राष्ट्रीय सम्मान के साथ जोड़ने का काम किया।
शाह ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय चेतना का महत्वपूर्ण प्रतीक बना था। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने वोट बैंक की राजनीति के कारण वंदे मातरम को भुला दिया।
गृह मंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस मुख्यालय के कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि वहां वंदे मातरम का गायन चल रहा था और उसी दौरान सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को कथित तौर पर गान रोकने का इशारा किया।
शाह ने इसे लेकर कांग्रेस पर तीखी टिप्पणी की और कहा कि देश की जनता इस घटना को देख रही है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की आत्मा और देश की जनता से माफी मांगने की अपील भी की।
यह बयान ऐसे समय आया है जब **Amit Shah on Vande Mataram** मुद्दा स्वतंत्रता दिवस और वंदे मातरम के 150वें वर्ष से जुड़े कार्यक्रमों के बीच राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है।
## कांग्रेस मुख्यालय के वीडियो को लेकर शाह ने साधा निशाना
अमित शाह के बयान के केंद्र में दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सामने आया वीडियो रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में वंदे मातरम का गायन हो रहा था। इसी दौरान सोनिया गांधी पीछे मुड़कर किसी तरफ इशारा करती हुई दिखाई दीं। राहुल गांधी भी उनके इशारे पर कुछ पूछते हुए नजर आए।
इसी वीडियो को लेकर अमित शाह ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम के गायन को रोकने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष को संकेत दिया था।
हालांकि, वीडियो में किसी व्यक्ति के इशारे का वास्तविक अर्थ क्या था, यह केवल दृश्य के आधार पर निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। ऐसे में इस मामले में कांग्रेस का आधिकारिक पक्ष और पूरे वीडियो का संदर्भ महत्वपूर्ण रहेगा।
वंदे मातरम भारतीय राजनीतिक और सामाजिक इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखता है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास ‘आनंदमठ’ से जुड़ा यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन में देशभक्ति की भावना जगाने वाले प्रमुख गीतों में शामिल रहा।
## वंदे मातरम के 150वें वर्ष पर क्यों बढ़ी राजनीतिक बहस?
वंदे मातरम के 150वें वर्ष को लेकर देश में कई कार्यक्रम और राजनीतिक गतिविधियां हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से वंदे मातरम का उल्लेख किया।
ऐसे मौके पर अमित शाह का कांग्रेस पर हमला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीजेपी लंबे समय से राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े मुद्दों को कांग्रेस की राजनीति के मुकाबले में उठाती रही है।
**Amit Shah on Vande Mataram** बयान में भी शाह ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने इस गीत के महत्व को नजरअंदाज किया।
उन्होंने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का नाम लेते हुए कांग्रेस से कथित घटना के लिए माफी मांगने की मांग की। शाह ने कहा कि देश की जनता इस तरह के व्यवहार को माफ नहीं करेगी।
इस बयान के बाद वंदे मातरम को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
## निंबाहेड़ा में अटल बिहारी वाजपेयी की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण
अमित शाह राजस्थान दौरे पर कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। निंबाहेड़ा में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया।
यह प्रतिमा जेके सर्किल पर बनाए गए मिनी अटल स्मारक में स्थापित की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रतिमा करीब 4 हजार किलोग्राम अष्टधातु से तैयार की गई है और इसे 8 फीट ऊंचे प्लेटफॉर्म पर स्थापित किया गया है।
प्रतिमा को जयपुर के कारीगरों ने तैयार किया है। स्मारक परिसर में प्रतिमा के अलावा दो अन्य प्लेटफॉर्म भी बनाए गए हैं।
एक प्लेटफॉर्म पर अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान हुए पोखरण परमाणु परीक्षण की झलक दिखाई गई है। दूसरे प्लेटफॉर्म पर वाजपेयी को अलग-अलग मुद्राओं में भाषण देते हुए प्रदर्शित किया गया है।
प्रतिमा के अनावरण के बाद अमित शाह ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी और उनके चरणों में पुष्प अर्पित किए।
## 15 जिलों के 944 विकास कार्यों की सौगात
निंबाहेड़ा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने चित्तौड़गढ़ समेत राजस्थान के 15 जिलों से जुड़े 5,659 करोड़ रुपये के 944 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।
इन परियोजनाओं को राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों में विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित बीजेपी के कई नेता मौजूद रहे।
जनसभा के मंच पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साफा पहनाकर अमित शाह का स्वागत किया। बीजेपी नेताओं की ओर से शाह को सांवलिया सेठ की तस्वीर भी भेंट की गई।
अमित शाह के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। बीजेपी ने इस दौरे को विकास कार्यों और राजनीतिक संदेश, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
## अलवर में युवाओं को मिलेंगे नियुक्ति पत्र
राजस्थान दौरे के अगले चरण में अमित शाह अलवर के विजयनगर ग्राउंड पहुंचने वाले हैं। यहां वे हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।
कार्यक्रम में किसानों और युवाओं से जुड़े कई अहम फैसलों का भी ऐलान होना है। मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि और फसल बीमा योजना से संबंधित राशि सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जाने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा 10,580 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे जाने का कार्यक्रम भी रखा गया है। ऐसे में शाह के राजस्थान दौरे में विकास, रोजगार और किसान कल्याण के मुद्दे भी प्रमुख रहने वाले हैं।
## कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेने का मामला
अमित शाह के अलवर दौरे के बीच कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर भी सामने आई है। खैरथल-तिजारा कांग्रेस अध्यक्ष समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उन्हें रातभर होटल में नजरबंद रखा गया। उनका कहना है कि सुबह जब कार्यकर्ता होटल के बाहर पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें थाने ले गई।
अलवर में शाह की सभा स्थल की ओर जा रहे कांग्रेस नेता दीनबंधु शर्मा को भी पुलिस ने कथित तौर पर रास्ते में रोककर हिरासत में लिया। बताया गया कि उन्होंने काले गुब्बारे उड़ाने की कोशिश की थी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस और प्रशासन के बीच राजनीतिक टकराव की स्थिति देखने को मिली।
## राजस्थान दौरे में राजनीतिक संदेश भी अहम
अमित शाह का राजस्थान दौरा सिर्फ विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास तक सीमित नहीं रहा। निंबाहेड़ा की जनसभा में उनके भाषण ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को भी तेज कर दिया।
विशेष रूप से **Amit Shah on Vande Mataram** बयान ने स्वतंत्रता दिवस, वंदे मातरम के 150वें वर्ष और कांग्रेस की भूमिका को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
शाह ने जहां कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाया, वहीं वंदे मातरम को राष्ट्रीय सम्मान और देशभक्ति की भावना से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों को रेखांकित किया।
अब इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं। साथ ही राजस्थान में अमित शाह के दौरे के दौरान घोषित विकास परियोजनाओं, किसान योजनाओं और युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाने के कार्यक्रम पर भी लोगों की नजर रहेगी।














