उमाकांत त्रिपाठी। एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। स्वर कोकिला के नाम से मशहूर महान गायिका लता मंगेशकर की आज 97वीं जयंती मनाई जा रही है। इस मौके पर देशभर में उनके प्रशंसक और फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियां उन्हें याद कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लता मंगेशकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए भारतीय संगीत में उनके योगदान को याद किया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लता मंगेशकर को याद करते हुए एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने कहा कि अपनी गायन प्रतिभा के जरिए लता दीदी ने दुनियाभर में भारत का नाम रोशन किया। प्रधानमंत्री ने उनके संगीत योगदान को लंबे समय तक याद किए जाने की बात कही।
PM मोदी ने लता मंगेशकर को किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में लता मंगेशकर के संगीत के क्षेत्र में योगदान की सराहना की। उन्होंने लिखा कि लता दीदी ने अपनी मधुर आवाज से भारतवर्ष को सजाया और संवारा। पीएम ने यह भी कहा कि उन्होंने देश की समृद्धि से जुड़ी विभिन्न पहलों को भी हमेशा प्रोत्साहित किया।
लता मंगेशकर के प्रति सम्मान जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय संगीत जगत में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए भी स्मरणीय रहेगा।
लता मंगेशकर को याद करते हुए पीएम मोदी का यह संदेश उनकी जयंती के मौके पर सामने आया। सोशल मीडिया पर भी प्रशंसक और संगीत प्रेमी उनकी पुरानी यादों और सदाबहार गीतों को साझा कर रहे हैं।
छह दशक से ज्यादा लंबा रहा संगीत का सफर
लता मंगेशकर का संगीत करियर कई दशकों तक फैला रहा। उन्होंने हिंदी सिनेमा के अलावा कई अन्य भारतीय भाषाओं में भी गीत गाए। उनकी आवाज ने फिल्म संगीत को एक अलग पहचान देने में अहम भूमिका निभाई।
1940 और 1950 के दशक से शुरू हुआ उनका सफर आगे चलकर भारतीय सिनेमा के सबसे लंबे और प्रभावशाली गायन करियर में शामिल हुआ। उन्होंने अलग-अलग दौर के संगीतकारों और फिल्म कलाकारों के साथ काम किया।
‘आएगा आने वाला’, ‘अजीब दास्तां है ये’, ‘लग जा गले’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’ और ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ जैसे कई गीत उनकी पहचान बन गए। उनके गाए गीत आज भी संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हैं।
कई भाषाओं में दी अपनी आवाज
लता मंगेशकर ने सिर्फ हिंदी फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने मराठी, बंगाली, गुजराती, तमिल, तेलुगु, मलयालम और अन्य भारतीय भाषाओं में भी गीत रिकॉर्ड किए।
उनकी आवाज की खासियत यह थी कि अलग-अलग भावनाओं और परिस्थितियों के गीतों में वह अपनी गायकी के जरिए अलग असर पैदा करती थीं। यही वजह है कि उनके गीत कई पीढ़ियों तक लोगों की पसंद बने रहे।
भारतीय संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें पद्म विभूषण और पद्म भूषण सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले।
आज भी याद किए जाते हैं लता दीदी के गीत
लता मंगेशकर का निधन 6 फरवरी 2022 को हुआ था, लेकिन उनके गीत आज भी भारतीय संगीत का अहम हिस्सा हैं। रेडियो, टेलीविजन, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर उनके सदाबहार गीत लगातार सुने जाते हैं।
उनकी जयंती के मौके पर एक बार फिर प्रशंसक उनके गीतों और उनसे जुड़ी यादों को साझा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी इसी सिलसिले में सामने आया, जिसमें उन्होंने लता मंगेशकर के संगीत और देश के लिए उनके योगदान को याद किया।
लता मंगेशकर की आवाज भारतीय सिनेमा और संगीत की उस विरासत का हिस्सा है, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी सुनती और याद करती रहेंगी।














