वायरलअपराधगॉसिपदुनियान्यूज़भारतमध्य प्रदेशमनोरंजनशहरहेडलाइंस

MP News: बिस्तर में छिपा था सांप… पुलिस हेड कांस्टेबल को 2 बार डंसा, AI की मदद से बची जान, एमपी के इस जिले का केस

MP News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। **Gwalior Snake Bite** की इस घटना में बिजौली थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक पूरन सिकरवार को उनके सरकारी क्वार्टर में बिस्तर के अंदर छिपे जहरीले कॉमन करैत सांप ने दो बार डंस लिया। सांप के काटने के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी, लेकिन थाना प्रभारी और पुलिस स्टाफ की तत्परता से उन्हें समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया।

घटना के दौरान पुलिस स्टाफ ने सांप की फोटो खींचकर उसकी पहचान और प्राथमिक सावधानियों से जुड़ी जानकारी AI की मदद से हासिल की। इसके बाद बिना समय गंवाए पूरन सिकरवार को जयारोग्य अस्पताल यानी JAH ले जाया गया। डॉक्टरों को सांप की फोटो दिखाई गई, जिसके आधार पर इलाज शुरू किया गया। फिलहाल पुलिसकर्मी की हालत स्थिर बताई जा रही है और उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है।

## Gwalior Snake Bite: बिस्तर में छिपा था कॉमन करैत

घटना गुरुवार रात बिजौली थाना परिसर स्थित सरकारी क्वार्टर की बताई जा रही है। प्रधान आरक्षक पूरन सिकरवार अपने कमरे में बिस्तर पर सो रहे थे। इसी दौरान बिस्तर में छिपे कॉमन करैत सांप ने उनके हाथ में दो जगह काट लिया।

अचानक सांप के डंसने का अहसास होते ही पूरन सिकरवार ने मदद के लिए आवाज लगाई। उनकी आवाज सुनकर थाना प्रभारी सौरभ श्रीवास्तव और थाने में मौजूद पुलिसकर्मी तत्काल उनके सरकारी क्वार्टर में पहुंचे।

मौके पर पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने देखा कि बिस्तर के आसपास जहरीला सांप मौजूद था। स्थिति को देखते हुए पहले पुलिसकर्मियों ने सावधानी बरती और सांप की फोटो खींची। चूंकि सांप की सही पहचान इलाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती थी, इसलिए उसकी तस्वीर के आधार पर जानकारी जुटाने की कोशिश की गई।

यहीं से इस घटना में AI की भूमिका सामने आई।

## पुलिस ने AI से ली प्राथमिक जानकारी, फिर अस्पताल पहुंचाया

सांप के काटने के बाद सबसे महत्वपूर्ण चीज समय पर चिकित्सा सहायता हासिल करना होती है। पुलिस स्टाफ ने सांप की तस्वीर लेकर AI की मदद से प्राथमिक सावधानियों और जरूरी कदमों से संबंधित जानकारी ली।

AI से मिली जानकारी को डॉक्टर की जगह उपचार नहीं माना गया, बल्कि अस्पताल पहुंचने तक प्राथमिक स्तर पर सावधानी बरतने के लिए इस्तेमाल किया गया। इसके बाद पुलिस ने बिना किसी देरी के घायल प्रधान आरक्षक को JAH अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों को सांप की फोटो दिखाई गई। तस्वीर के आधार पर डॉक्टरों ने इसे कॉमन करैत के काटने की आशंका मानकर उपचार शुरू किया।

**Gwalior Snake Bite** मामले में यही त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। सांप की तस्वीर डॉक्टरों तक पहुंचने से उन्हें संभावित सांप की पहचान के बारे में शुरुआती जानकारी मिली और इलाज उसी दिशा में शुरू किया जा सका।

यहां यह भी समझना जरूरी है कि सांप के काटने के मामलों में किसी भी AI ऐप या ऑनलाइन जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। ऐसे मामलों में तत्काल अस्पताल पहुंचना ही सबसे जरूरी कदम है।

## SSP धर्मवीर सिंह यादव भी अस्पताल पहुंचे

प्रधान आरक्षक पूरन सिकरवार को अस्पताल पहुंचाए जाने की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक भी पहुंची। सूचना मिलने के बाद SSP धर्मवीर सिंह यादव अस्पताल पहुंचे और उन्होंने घायल पुलिसकर्मी के इलाज की जानकारी ली।

प्राथमिक उपचार के बाद पूरन सिकरवार को बेहतर इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है।

परिवार और पुलिस विभाग के लिए राहत की बात यह है कि समय पर उपचार मिलने के बाद उनकी हालत नियंत्रण में बताई जा रही है।

घटना के बाद पुलिसकर्मियों के बीच भी सरकारी आवासों में सुरक्षा और बरसात के दौरान सांपों के घरों में घुसने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

## बरसात में सरकारी क्वार्टरों में घुस जाते हैं सांप

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बारिश के मौसम में सांप अक्सर ऐसी जगहों की तलाश करते हैं जहां उन्हें अंधेरा, नमी और छिपने की जगह मिल सके। सरकारी क्वार्टरों में रखे सामान, बिस्तर, जूते और दूसरे कोनों में सांप छिप सकते हैं।

इसी वजह से बरसात के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। बिस्तर पर सोने से पहले उसे अच्छी तरह जांच लेना चाहिए। जमीन पर रखे कपड़े और जूते इस्तेमाल करने से पहले उन्हें भी देख लेना चाहिए।

कमरे के ऐसे हिस्से जहां रोशनी कम पहुंचती है, वहां विशेष ध्यान देना जरूरी है। अगर किसी कमरे या घर में सांप दिखाई दे, तो उसे खुद पकड़ने या मारने की कोशिश करने के बजाय प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या संबंधित स्थानीय सहायता की मदद लेना ज्यादा सुरक्षित होता है।

## Common Krait बेहद जहरीला सांप माना जाता है

कॉमन करैत भारत में पाए जाने वाले बेहद विषैले सांपों में शामिल है। यह सांप आम तौर पर रात में अधिक सक्रिय होता है और कई बार घरों में घुसकर बिस्तर या अन्य गर्म और सुरक्षित जगहों में छिप सकता है।

करैत के काटने की एक चुनौती यह भी है कि कई बार काटने का निशान या दर्द बहुत स्पष्ट नहीं होता। ऐसे में व्यक्ति को यह समझने में देरी हो सकती है कि उसे किसी जहरीले सांप ने काटा है।

इसलिए अगर किसी व्यक्ति को सांप ने काटा है या संदेह है कि सांप ने डंसा है, तो लक्षणों का इंतजार करने के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

सांप के काटने की स्थिति में घायल व्यक्ति को शांत रखना और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना महत्वपूर्ण है। घरेलू नुस्खों, जहर चूसने, घाव को काटने या कसकर पट्टी बांधने जैसे उपाय नुकसान पहुंचा सकते हैं।

## AI की मदद चर्चा में, लेकिन इलाज डॉक्टर ही करेंगे

ग्वालियर की इस घटना में AI का इस्तेमाल इसलिए चर्चा में आया क्योंकि पुलिसकर्मियों ने सांप की तस्वीर के आधार पर प्राथमिक जानकारी हासिल की। हालांकि, **Gwalior Snake Bite** मामले से यह संदेश नहीं लिया जाना चाहिए कि AI सांप के काटने का इलाज कर सकता है।

AI से मिली जानकारी केवल प्रारंभिक स्तर पर उपयोगी हो सकती है। असली इलाज प्रशिक्षित डॉक्टर और अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के जरिए ही होना चाहिए। खासतौर पर जहरीले सांप के काटने में एंटी-स्नेक वेनम यानी एंटीवेनम की जरूरत पड़ सकती है, जिसका निर्णय डॉक्टर मरीज की स्थिति और उपलब्ध चिकित्सकीय जानकारी के आधार पर करते हैं।

इस मामले में भी पुलिस ने AI से जानकारी लेने के बाद समय गंवाए बिना घायल पुलिसकर्मी को अस्पताल पहुंचाया और डॉक्टरों को सांप की फोटो दिखाई। यही इस पूरी घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।

## बड़ी दुर्घटना टली, पुलिसकर्मी की हालत स्थिर

ग्वालियर के बिजौली थाने में हुई यह घटना कई स्तर पर लोगों का ध्यान खींच रही है। एक तरफ जहरीला कॉमन करैत बिस्तर में छिपा था और उसने पुलिसकर्मी को दो बार डंस लिया, वहीं दूसरी तरफ पुलिस स्टाफ की तत्काल प्रतिक्रिया ने स्थिति को गंभीर होने से रोकने में मदद की।

थाना प्रभारी सौरभ श्रीवास्तव और पुलिसकर्मियों ने घायल प्रधान आरक्षक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अस्पताल पहुंचकर इलाज की स्थिति की जानकारी ली।

फिलहाल पूरन सिकरवार की हालत स्थिर बताई जा रही है और उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। घटना ने एक बार फिर बारिश के मौसम में घरों और सरकारी आवासों में सांपों से सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है।

**Gwalior Snake Bite** की यह घटना यह भी बताती है कि सांप के काटने के बाद समय पर अस्पताल पहुंचना कितना महत्वपूर्ण है। AI जैसी तकनीक किसी आपात स्थिति में शुरुआती जानकारी जुटाने में मदद कर सकती है, लेकिन अंतिम और जरूरी उपचार डॉक्टरों की निगरानी में ही होना चाहिए।

Related Posts

घर पर बुलाई मसाज करने वाली थैरेपिस्ट फिर हो गया कांड, वीडियो देखकर चकरा जाएगा दिमाग, VIDEO VIRAL

खबर इंडिया की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आए दिन लड़ाई-झगड़ों से जुड़े वीडियो…

1 of 885

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *