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मोदी सरकार ने ISI समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क पर लिया एक्शन, 200 से ज्यादा लोग गिरफ्तार, गृह मंत्री अमित शाह ने दी जानकारी

उमाकांत त्रिपाठी।स्वतंत्रता दिवस के बाद सामने आई बड़ी जानकारी में Shahzad Bhatti Network के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की व्यापक कार्रवाई का खुलासा हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस से पहले देश के 14 राज्यों में सुरक्षा एजेंसियों ने समन्वित अभियान चलाया और नेटवर्क से जुड़े 200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। गृह मंत्रालय से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान IED, ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरे सहित कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए। कुछ बरामद ग्रेनेड पर Pakistan Ordnance Factory की मार्किंग मिलने की बात भी सामने आई है।

अमित शाह ने इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति का उदाहरण बताया है। उनके मुताबिक, सुरक्षा बलों की कार्रवाई का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के आसपास संभावित आतंकी और विध्वंसक गतिविधियों की साजिश को नाकाम करना था। हालांकि, इस पूरे मामले में जांच अभी भी जारी है और बरामदगी तथा गिरफ्तारियों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

14 राज्यों में एक साथ चला Shahzad Bhatti Network के खिलाफ ऑपरेशन

सुरक्षा एजेंसियों ने Shahzad Bhatti Network के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में एक साथ कार्रवाई की। सामने आई जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई। इसके अलावा राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, कर्नाटक, गुजरात, बिहार, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में भी संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

सरकारी जानकारी के अनुसार, 14 राज्यों में 250 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने और 200 से ज्यादा गिरफ्तारियों की बात सामने आई है। द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्रालय ने 80 से ज्यादा FIR और 250 से अधिक गिरफ्तारियों का उल्लेख किया है, जबकि कुछ रिपोर्टों में 253 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई है। इसलिए अलग-अलग आंकड़ों को कार्रवाई के अलग चरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है।

राज्यवार उपलब्ध आंकड़ों में उत्तर प्रदेश में 62, हरियाणा में 52, दिल्ली में 51 और पंजाब में 44 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। राजस्थान में 15, महाराष्ट्र में 8 और उत्तराखंड में 5 लोगों के खिलाफ कार्रवाई बताई गई है। कर्नाटक, गुजरात और बिहार में 3-3 तथा तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में 2-2 लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आंकड़ा सामने आया है।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि राज्यवार दिए गए आंकड़ों का योग और केंद्रीय स्तर पर जारी कुल आंकड़े में मामूली अंतर दिखाई देता है। ऐसे में अंतिम संख्या जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिक स्पष्ट हो सकती है।

IED, ग्रेनेड और हथियार बरामद, Pakistan Ordnance Factory की मार्किंग

Shahzad Bhatti Network के खिलाफ कार्रवाई के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री मिलने का दावा किया गया है। बरामद सामान में IED, ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और CCTV कैमरे शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक कुछ ग्रेनेड पर Pakistan Ordnance Factory की मार्किंग मिली है, जिसे जांच में सीमा-पार कनेक्शन के संभावित सुराग के तौर पर देखा जा रहा है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद हथियार और विस्फोटक नेटवर्क तक किस माध्यम से पहुंचे। साथ ही संदिग्धों के बीच संपर्क, फंडिंग, स्थानीय स्तर पर नेटवर्क तैयार करने और संभावित लॉजिस्टिक सपोर्ट की भी जांच की जा रही है।

CCTV कैमरों की बरामदगी भी जांच का अहम हिस्सा है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, कुछ उपकरणों का इस्तेमाल निगरानी या रेकी से जुड़ी गतिविधियों में किया जा सकता था। हालांकि, किसी बरामद उपकरण का वास्तविक इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए हुआ, यह जांच और फोरेंसिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

अमित शाह ने बताया आतंक के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस का उदाहरण

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए Shahzad Bhatti Network के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में समन्वित ऑपरेशन चलाकर नेटवर्क के 200 से ज्यादा सदस्यों को गिरफ्तार किया और उसके कथित हमलों के मंसूबों को नाकाम किया।

अमित शाह ने इस कार्रवाई को आतंकवाद के प्रति सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति से जोड़ते हुए सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई की सराहना की। उनके मुताबिक नेटवर्क को कथित तौर पर ISI से समर्थन और फंडिंग मिल रही थी। सुरक्षा एजेंसियां अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, फंडिंग चैनल और संभावित संपर्कों की जांच में जुटी हैं।

80 से ज्यादा FIR, कई कानूनों के तहत केस

अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक Shahzad Bhatti Network से जुड़े मामलों में देशभर में 80 से ज्यादा FIR दर्ज की जा चुकी हैं। आरोपियों के खिलाफ UAPA, BNS, Arms Act, NDPS Act और Explosive Substances Act जैसी गंभीर कानूनी धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

इन मामलों की जांच अलग-अलग राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के स्तर पर चल रही है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि गिरफ्तार किए गए लोगों की भूमिका क्या थी और क्या सभी आरोपी सीधे नेटवर्क का हिस्सा थे या कुछ लोग केवल संपर्क अथवा अन्य गतिविधियों के कारण जांच के दायरे में आए।

इस तरह की कार्रवाई में हिरासत, पूछताछ और गिरफ्तारी को एक ही अर्थ में नहीं देखा जाना चाहिए। अंतिम आरोप और दोषसिद्धि अदालत की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही तय होती है।

महाराष्ट्र ATS की कार्रवाई से भी जुड़े थे सुराग

Shahzad Bhatti Network को लेकर महाराष्ट्र में भी पहले से जांच चल रही थी। जुलाई 2026 में महाराष्ट्र ATS ने शहजाद भट्टी से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क के खिलाफ बड़े स्तर पर तलाशी और पूछताछ अभियान चलाया था। रिपोर्टों के अनुसार ATS की 14 क्षेत्रीय इकाइयों की 58 टीमों ने राज्यभर में 102 ठिकानों पर कार्रवाई की थी।

महाराष्ट्र ATS की जांच में सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संपर्क स्थापित करने और उन्हें नेटवर्क से जोड़ने की आशंकाओं की भी जांच की गई थी। एजेंसियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल, संदिग्ध संपर्कों और संभावित आर्थिक लेनदेन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की।

इससे पहले NIA ने अप्रैल 2026 में एक अलग मामले में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी को एक ग्रेनेड हमले की साजिश से जुड़े मामले में आरोपी बनाया था। NIA के मुताबिक उस मामले की जांच में टारगेटेड किलिंग, भर्ती और हथियारों की तस्करी से जुड़े व्यापक नेटवर्क की जानकारी सामने आई थी।

स्वतंत्रता दिवस से पहले क्यों महत्वपूर्ण थी यह कार्रवाई?

स्वतंत्रता दिवस के दौरान देशभर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी रहती है। राजधानी दिल्ली समेत संवेदनशील शहरों, महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा एजेंसियां विशेष निगरानी रखती हैं। ऐसे समय में किसी संदिग्ध आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई को सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Shahzad Bhatti Network मामले में भी सुरक्षा एजेंसियों का फोकस केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है। जांच का उद्देश्य नेटवर्क की पूरी संरचना, उसके कथित संपर्कों, फंडिंग चैनल, हथियारों की सप्लाई और स्थानीय स्तर पर सक्रिय लोगों की भूमिका का पता लगाना है।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों की जांच जारी है। आने वाले दिनों में पूछताछ, फोरेंसिक जांच और अन्य राज्यों से सामने आने वाली जानकारी के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े और भी तथ्य सामने आ सकते हैं। ऐसे में इस मामले में आधिकारिक जांच और एजेंसियों की पुष्टि के आधार पर सामने आने वाली जानकारी को ही अंतिम तथ्य माना जाना महत्वपूर्ण होगा।

नोट: इस खबर में गिरफ्तारी, हिरासत और नेटवर्क से जुड़े आरोपों की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों/सरकारी बयानों और उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। किसी आरोपी की दोषसिद्धि अदालत के अंतिम फैसले के अधीन होगी।

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